बिहार में इस तारीख से बंद होंगे मैनुअल चालान, पुलिसकर्मियों के लिए बाडी वार्न कैमरा वाली वर्दी पहनना अनिवार्य

Published by :Ashish Jha
Published at :05 Oct 2023 8:41 PM (IST)
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traffic challan

यातायात के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) सुधांशु कुमार ने बताया कि 30 नवंबर तक शेष 18 पुलिस जिलों में भी मैनुअल चालान बंद कर ई-चालान काटने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. वर्तमान में पटना समेत 22 जिलों में हैंड हेल्ड डिवाइस (एचएचडी) से ई-चालान काटा जा रहा है.

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पटना. बिहार के 10 और जिलों में मैनुअल चालान बंद कर दिया गया है। वर्तमान में पटना समेत 22 जिलों में हैंड हेल्ड डिवाइस (एचएचडी) से ई-चालान काटा जा रहा है. यातायात के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) सुधांशु कुमार ने बताया कि 30 नवंबर तक शेष 18 पुलिस जिलों में भी मैनुअल चालान बंद कर ई-चालान काटने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. एडीजी ने बताया कि जुलाई माह में पहले चरण में एक दर्जन जिलों पटना, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, आरा, छपरा, बिहारशरीफ, दरभंगा, मुंगेर, बेगूसराय, पूर्णिया और कटिहार में मैनअुल चालान बंद किया गया था. इसके लिए 810 एचएचडी का वितरण किया गया था जिससे ई-चालान काटा जाता है. दूसरे चरण में नवगछिया, मोतिहारी, बक्सर, मधुबनी, रोहतास, वैशाली, समस्तीपुर, सिवान, नवादा और बेतिया में भी मैनुअल चालान बंद कर ई-चालान काटा जा रहा है. इसके लिए 552 एचएचडी पुलिसकर्मियों को दिए गए हैं. अगले चरण में नवंबर तक शेष जिलों में भी एचएचडी देकर पूरे राज्य में मैनुअल चालान बंद कर दिया जाएगा.

अधिकारी का बाडी वार्न कैमरा यानी कैमरा लगी वर्दी पहनना अनिवार्य

एडीजी ने बताया कि हैंड हेल्ड डिवाइस से ई-चालान निर्गत करने के लिए विस्तृत प्रोटोकाल बनाया गया है. पारदर्शी व्यवस्था के लिए ई-चालान निर्गत करने वाले पदाधिकारी का बाडी वार्न कैमरा यानी कैमरा लगी वर्दी पहनना अनिवार्य किया गया है. इसके लिए जल्द ही करीब दो हजार बाडी वार्न कैमरों की खरीद की जाएगी. हैंड हेल्ड डिवाइस से ई-चालान काटे जाने पर जुर्माने की राशि सीधे बैंक खाते में जमा हो जाती है. इसके अलावा ई-चालान की तस्वीर और वीडियो भी प्रमाण के रूप में होता है. आनलाइन जुर्माना भरने की सुविधा भी लोगों को मिल पाती है, जिससे व्यवस्था पारदर्शी होती है. इसके अलावा जल्द ही एचएचडी मशीनों को डैशबोर्ड से टैग करने की कार्रवाई चल रही है. इससे मुख्यालय स्तर से प्रभावी मानीटरिंग हो सकेगी.

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इन जिलों में नवंबर तक यहां बंद होगा मैनुअल चालान

नवंबर तक इन जिलों में मैनुअल चालान बंद होगा जायेगा. जिसमें मुख्य रूप से सहरसा, मधेपुरा, सुपौल, औरंगाबाद, अरवल, जहानाबाद, शेखपुरा, जमुई, लखीसराय, बांका, अररिया, किशनगंज, कैमूर, गोपालगंज, शिवहर, सीतामढ़ी, खगडि़या और बगहा जिला है.

छह माह में कटे 35.58 करोड़ राशि के ढाई लाख इ-चालान

इस बीच पटना से जारी आंकड़ों के अनुसार बिहार पुलिस ने पिछले छह माह (अप्रैल से सितंबर तक) में ढाई लाख से अधिक इ-चालान काटे हैं. इन इ-चालान के माध्यम से वाहन मालिकों पर 35.58 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया है. पुलिस मुख्यालय के मुताबिक कुल जुर्माना राशि में से 09.12 करोड़ रुपये ही अब तक जमा कराये गये. शेष 26.46 करोड़ का जुर्माना अब तक जमा नहीं हो पाया है.

22 जिलों में मैनुअल चालान बंद

ट्रैफिक एडीजी सुधांशु कुमार ने बताया कि 22 जिलों में मैनुअल चालान बंद कर हैंड हेल्ड डिवाइस से इ-चालान काटे जाने की व्यवस्था की है. एचएचडी से इ-चालान काटे जाने पर जुर्माने की राशि सीधे बैंक खाते में जमा हो जाती है. ऑनलाइन जुर्माना भरने की सुविधा भी दी जाती है. तीन माह के अंदर जुर्माना राशि जमा नहीं करने पर वाहन को ब्लैकलिस्टेड करने की प्रक्रिया शुरू किये जाने का प्रावधान है. ऐसे वाहन की खरीद-बिक्री, नवीकरण व अन्य कोई भी प्रक्रिया नहीं की जा सकेगी.

इ-चालान काटने वाले पदाधिकारी को बॉडी वार्न कैमरा लगाना अनिवार्य

एडीजी ने बताया कि हैंड हेल्ड डिवाइस से इ-चालान निर्गत करने के लिए विस्तृत प्रोटोकाल बनाया गया है. इ-चालान काटने वाले पुलिस पदाधिकारियों के लिए बाडी वार्न कैमरा यानी कैमरा लगी वर्दी पहनना अनिवार्य किया गया है. इसके लिए जल्द ही करीब दो हजार बाडी वार्न कैमरों की खरीद की जायेगी. इसमें इ-चालान काटते हुए का पूरा घटनाक्रम कैमरों में कैद हो सकेगा.

माह@कुल चालान@प्राप्त जुर्माना@बकाया@कुल जुर्माना

  • अप्रैल@12,281@59.54 लाख@1.61 करोड़@2.21 करोड़

  • मई@26,426@1.33 करोड़@2.78 करोड़@4.11 करोड़

  • जून@24,117@1.18 करोड़@2.67 करोड़@3.85 करोड़

  • जुलाई@78,727@1.96 करोड़@7.61 करोड़@9.58 करोड़

  • अगस्त@52,785@2.10 करोड़@5.13 करोड़@7.23 करोड़

  • सितंबर@60,102@1.94 करोड़@6.64 करोड़@8.59 करोड़

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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