Bihar News: 'अपने अधिकारी को ट्रेनिंग पर भेजें'- बिहार के मधुबनी जिले के DM को कोर्ट का निर्देश, पूरा मामला

Updated at : 19 Aug 2021 3:48 PM (IST)
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Bihar News: 'अपने अधिकारी को ट्रेनिंग पर भेजें'- बिहार के मधुबनी जिले के DM को कोर्ट का निर्देश, पूरा मामला

bihar news in hindi: लौकही थाना में कांड संख्या 56/21 के तहत प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी ने एक केस दायर किया. जिसमें बरुआर पंचायत के डीलर रामसुंदर मंडल और टेंपो चालक अनमोल साफी नामजद है.

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लौकही प्रखंड के प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी को विशेष प्रशिक्षण की जरूरत है. यह टिप्पणी एडीजे कोर्ट ने एक मामले के निष्पादन सुनवाई के दौरान की है. एडीजे अविनाश कुमार प्रथम ने मधुबनी डीएम को पत्र लिखकर लौकही प्रखंड के एमओ अर्जुन कुमार को सरकारी अनाज की जांच करने और ऐसे मामलों में सही अनुसंधान करने के लिए विशेष ट्रेनिंग में भेजने का निर्देश दिया है.

साथ ही इस अनाज कालाबाजारी के मामले की जांच कराने को भी कहा है. मामला सरकारी अनाज ले जा रहे एक कालाबाजारी केस में एमओ द्वारा बनाए गए सीजर लिस्ट का है. सीजर लिस्ट में जप्त किए गए अनाज को बिना किसी एक्सपर्ट के सरकारी अनाज बताने को लेकर केस कमजोर होने की बात कही गई है.

क्या है मामला- लौकही थाना में कांड संख्या 56/21 के तहत प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी ने एक केस दायर किया. जिसमें बरुआर पंचायत के डीलर रामसुंदर मंडल और टेंपो चालक अनमोल साफी नामजद है. दर्ज केस में बताया गया है कि फुलपरास के एसडीओ के निर्देश पर एमओ लौकही थाना द्वारा जप्त किए गए अनाज के मामले में सूचक बने. केस दर्ज किया. 22 मई को एक टेंपो पर 11 बोरा सरकारी अनाज लदा था. पुलिस ने चालक को अनाज और गाड़ी सहित जप्त किया. एमओ ने जांच में उसे सरकारी अनाज बताया और मामला दायर किया.

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सीजर लिस्ट में सरकारी अनाज बताने को लेकर किसी एक्सपर्ट का रिपोर्ट नहीं संलग्न है. यह सुनवाई 23 मई को गिरफ्तार किया गया टेंपो चालक अनमोल साफी के जमानत याचिका पर हो रही थी. पुलिस ने केस डायरी में दो स्वतंत्र गवाह का बयान दर्ज किया है. जिसमें यह बताया गया है कि अनाज घरेलू था, सरकारी नहीं था. जो डीलर के यहां से ले जाया जा रहा था.

इस मामले में सरकारी अनाज को सिद्ध करने के लिए एमओ द्वारा आवश्यक अनुसंधान व सीजर लिस्ट में तथ्यात्मक और प्रामाणिक बाते प्रेषित नहीं की गई. कोर्ट ने इस प्रकरण की जांच कराने को भी कहा है. कोर्ट के इस टिप्पणी से किसी भी अनाज को सरकारी बता कर बिना सही जप्ती सूची बनाने वाले अधिकारियों में हड़कंप मच गया है.

Posted By: Avinish Kumar Mishra

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