ePaper

Bihar Election News: उंगली पर लगी चुनावी स्याही क्यों नहीं मिट सकती, जानिए- कैसे और कहां बनती है

Updated at : 29 Oct 2020 9:06 AM (IST)
विज्ञापन
Bihar Election News: उंगली पर लगी चुनावी स्याही क्यों नहीं मिट सकती, जानिए-  कैसे और कहां बनती है

Bihar Election News: बिहार में चुनावी त्यौहार शुरू हो चुका है. आज 16 जिलों के 71 विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता अपना वोट डाल चुके हैं, कई और अभी 6 बजे तक अपने वोट डालेंगे. वोट देने वाले मतदाताओं की अंगुली पर बैंगनी रंग की अमिट स्याही लगाई गई जो भारत के हर चुनाव में लगाई जाती है.

विज्ञापन

Bihar Election News: बिहार में चुनावी त्यौहार शुरू हो चुका है. आज 16 जिलों के 71 विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता अपना वोट डाल चुके हैं, कई और अभी 6 बजे तक अपने वोट डालेंगे. वोट देने वाले मतदाताओं की अंगुली पर बैंगनी रंग की अमिट स्याही लगाई गई जो भारत के हर चुनाव में लगाई जाती है. लोग स्याही लगी अपनी उंगली की तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं. इस बीच कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनके मन में यह सवाल कि क्या इस स्याही को मिटाया जा सकता है? Bihar Chunav 2020 Live Update से जुड़ी हर खबर के लिये बने रहिये prabhatkhabar.com पर.

तो जवाब है नहीं. इसे साबुन से धोया नहीं जा सकता. यह निशान तभी मिटता है जब धीरे-धीरे त्वचा के सेल पुराने होते जाते हैं और वे उतरने लगते हैं. बता दें कि उंगली पर लगी यह स्याही ही इस बात का प्रतीक होती है कि किसी व्यक्ति ने अपना वोट किया है या नहीं. साल 1962 के चुनाव से इस स्याही का पहली बार इस्तेमाल हुआ था.

Also Read: Bihar Election News: बिहार में चुनावी रैली के दौरान पीएम मोदी पर बड़े हमले की साजिश, अलर्ट जारी
कैसे और किस चीज से बनती है ये स्याही

स्याही को बनाने के लिए सिल्वर नाइट्रेट केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है जिसे कम-से-कम 72 घंटे तक त्वचा से मिटाया नहीं जा सकता. सिल्वर नाइट्रेट केमिकल को इसलिए इस्तेमाल किया जाता है क्योंकि यह पानी के संपर्क में आने के बाद काले रंग का हो जाता है और मिटता नहीं है.

जब चुनाव अधिकारी वोटर की उंगली पर स्याही लगाता है तो सिल्वर नाइट्रेट हमारे शरीर में मौजूद नमक के साथ मिलकर सिल्वर क्लोराइड बनाता है. सिल्वर क्लोराइड में पानी घुलता नहीं है और त्वचा से जुड़ा रहता है. यह निशान तभी मिटता है जब धीरे-धीरे त्वचा के सेल पुराने होते जाते हैं और वे उतरने लगते हैं.

उच्च क्वालिटी की चुनावी स्याही 40 सेकेंड से भी कम समय में सूख जाती है. इसका रिएक्शन इतनी तेजी से होता है कि उंगली पर लगने के एक सेकेंड के भीतर यह अपना निशान छोड़ देता है. यही वजह है इस स्याही को मिटाया नहीं जा सकता. हालांकि कई लोग यह दावे करते हैं कि कुछ खास केमिकल की मदद से वे इस स्याही को मिटा सकते हैं. लेकिन इसके कोई पुष्ट सबूत नहीं मिलते.

Also Read: Bihar Election First Phase Voting LIVE Updates: कोरोना पर भारी पड़ी वोट की चोट, 71 सीटों पर तीन बजे तक 46.29 फीसदी मतदान, पढ़ें-लेटेस्ट अपडेट

यह स्याही दक्षिण भारत में स्थित मैसूर पेंट एंड वार्निश लिमिटेड नाम की कंपनी में बनती है. इस स्याही का इस्तेमाल कई सारे देश करते हैं. मैसूर पेंट एंड वार्निश लिमिटेड के मुताबिक 28 देशों को इस स्याही की आपूर्ति की जाती है. इनमें अफगानिस्तान, तुर्की, दक्षिण अफ्रीका, नाइजीरिया, नेपाल, घाना, पापुआ न्यू गिनी, बुर्कीना फासो, बुरुंडी, कनाडा, टोगो, सिएरा लियोन, मलेशिया, मालदीव और कंबोडिया शामिल हैं.

Posted By: Utpal kant

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन