Bihar Road Project: बिहार के गांव वालों के लिए मंत्री ने दी खुशखबरी, अब दो लेन होंगी राज्य की ये सड़कें

AI से बनाई गई बिहार के ग्रामीण सड़कों की तस्वीर, गोल घेरे में मंत्री अशोक चौधरी
Bihar Road Project: बिहार की ग्रामीण सड़कों को अब नई पहचान मिलने जा रही है. सात निश्चय-3 योजना के तहत राज्य की ग्रामीण सड़कें दो लेन की होंगी. जिससे गांवों की कनेक्टिविटी और विकास को नई रफ्तार मिलेगी.
Bihar Road Project: बिहार की ग्रामीण सड़कों को अब और बेहतर बनाया जाएगा. सात निश्चय-3 योजना के तहत राज्य की ग्रामीण सड़कों को चरणबद्ध तरीके से दो लेन का किया जाएगा. यह जानकारी ग्रामीण कार्य मंत्री डॉ. अशोक चौधरी ने दी. उन्होंने कहा कि इससे गांवों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और विकास को नई गति मिलेगी.
डॉ. अशोक चौधरी ने बताया कि पिछले 20 वर्षों में बिहार ने ग्रामीण सड़क निर्माण में नया कीर्तिमान बनाया है. गांवों से शहरों की दूरी काफी कम हुई है. अब गांव से गांव तक पहुंचना भी आसान हो गया है. ग्रामीण सड़कें बिहार के सतत विकास लक्ष्यों को पूरा करने में अहम भूमिका निभा रही हैं.
राज्य की इन सड़कों को दो लेन में बदला जाएगा
मंत्री ने कहा कि सात निश्चय-3 के तहत उन सड़कों को चिन्हित किया जा रहा है, जो प्रखंड, अनुमंडल और जिला मुख्यालयों को राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों से जोड़ती हैं. इन सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर दो लेन में बदला जाएगा.
उन्होंने बताया कि ग्रामीण सड़कों के निर्माण से किसानों को बड़ा फायदा मिला है. फसलों को अब आसानी से बाजार तक पहुंचाया जा रहा है. ग्रामीणों को बेहतर दाम मिल रहे हैं. शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं तक पहुंच भी आसान हो गई है.
अशोक चौधरी ने बताया बीते 20 सालों में क्या-क्या हुआ?
डॉ. चौधरी ने बताया कि बीते 20 सालों में बिहार की एक लाख 20 हजार 876 बसावटों को सड़क संपर्क मिला है. इनमें एक लाख 19 हजार 915 किलोमीटर पक्की बारहमासी सड़कें बनाई गई हैं. साथ ही 2750 पुलों का निर्माण भी किया गया है.
कितनी सड़कों को मिली मंजूरी?
उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 में ग्रामीण सड़क सुदृढ़ीकरण और प्रबंधन कार्यक्रम के तहत 18,166 सड़कों के निर्माण को मंजूरी दी गई है. इनकी कुल लंबाई करीब 30,965 किलोमीटर है. ग्रामीण कार्य मंत्री ने बताया कि सड़कों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क उन्नयन योजना शुरू की गई है. इसका उद्देश्य बनी हुई सड़कों को टूट-फूट से बचाना है.
क्या है सुलभ संपर्कता योजना?
उन्होंने सुलभ संपर्कता योजना की भी जानकारी दी. इस योजना के तहत गांवों को अस्पताल, स्कूल, बाजार, बैंक और पर्यटन स्थलों से जोड़ा जा रहा है. अब तक 65 योजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है. इस पर 356 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इसके अलावा मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना के तहत नए साल में 909 पुलों का निर्माण किया जा रहा है. इनमें 670 पुलों के निर्माण के आदेश जारी हो चुके हैं.
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By Abhinandan Pandey
भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.
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