पटना में धड़ल्ले से हो रहा सफेद बालू का काला खेल, जेपी सेतु के नीचे गंगा में लाखों का होता अवैध कारोबार

पटना में जेपी सेतु के नीचे गंगा की कोख से अवैध सफेद बालू का खनन जारी है. बालू माफिया सरकार को लाखों का राजस्व नुकसान रोज कर रहे हैं.रोज यहां करीब 50 लाख रुपये से अधिक कीमत की बालू निकाल कर बेचा जाता है.
गंगा की कोख से अवैध सफेद बालू का खनन जारी है. पटना में जेपी सेतु के नीचे नावों पर मोटर की मदद की अंधाधुंध बालू का दोहन किया जा रहा है. इससे एक तरफ नदी का पर्यावरण संतुलन खराब हो रहा है, तो दूसरी तरफ हर दिन लाखों के राजस्व का नुकसान हो रहा है. प्रभात खबर ने गुरुवार को नदी के बीचोंबीच मशीन से बालू खींचने की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था. केवल दीघा में जेपी सेतु के नीचे गंगा नदी से हर दिन करीब 500 नावों से अवैध तरीके से बालू निकाला रहा जा है.
रोज यहां करीब 50 लाख रुपये से अधिक कीमत की बालू निकाल कर बेचा जाता है. शुक्रवार को प्रभात खबर ने दोबारा जेपी सेतु के नीचे गंगा नदी में अवैध बालू खनन की पड़ताल की. दिन के करीब 12 बजे चार नावों से बालू का खनन किया जा रहा था. इसमें एक नाव पर मोटर लगी थी और उसकी सहायता से दूसरे नाव पर बालू भरा जा रहा था.
वहीं, थोड़ी ही दूरी पर दो नावों पर बाल्टी और देशी जुगाड़ से खोद कर बालू निकाला जा रहा था. इसके अलावा दोपहर 12 से एक बजे के लगभग 10 से अधिक सफेद बालू से भरी हुईं नावें नदी में आ- जा रही थीं. अधिकांश नावें बालू से ओवरलोडेड थीं. जिला खनन पदाधिकारी से बात करने की कोशिश की गयी पर उन्होंने फोन नहीं उठाया.
दरअसल, शहर में 1800 से 2000 की दर से एक ट्रैक्टर टॉली गंगा की सफेद बालू की बिक्री होती है. एक नाव पर तीन से आठ ट्रैक्टर टॉली के बराबर बालू लोड किया जाता है. जानकार बताते हैं कि एक नाव में 1200 से 2000 सीएफटी तक बालू लोड हो सकता है. ऐसे में एक नाव में औसतन पांच ट्रॉली बालू की लदाई मानते हैं, तो हर दिन 500 नावों पर करीब 2500 ट्रैक्टर टॉली की उगाही केवल दीघा के आसपास क्षेत्र से होती है. एक ट्रॉली बालू की औसत कीमत दो हजार रुपये मानें, तो करीब 50 लाख रुपये का बालू रोज अवैध रूप से निकाल कर बाजार में बेचा जाता है.
Also Read: पूर्वोत्तर भारत का सबसे बड़ा बॉटलिंग प्लांट अब बिहार में, 11 महीने में बन कर हो गया तैयार, जानिये खासियत
-
पूरे दिन नाव से बालू खनन कर गंगा के घाटों पर स्टोर करते हैं.
-
देर शाम या रांत में ट्रैक्टर आदि पर लोड कर बाजार में भेजा जाता है.
अवैध बालू खनन को लेकर कार्रवाई होती रही है. एक माह पहले ही नाव जब्त करने और खनन में संलिप्त लोगों पर प्राथमिकी भी दर्ज की गयी थी. पटना में भी बिहटा की तरह मेगा अभियान की जरूरत है.
-धर्मवीर कुमार, खनन इंस्पेक्टर, पटना
ऐसा नहीं कि कार्रवाई नहीं होती. प्रशासन की टीम अपने संसाधनों से अवैध बालू खनन में लगी मशीन, ट्रैक्टर से लेकर अन्य संसाधनों को जब्त करती है. लोगों को गिरफ्तार भी किया जाता है. इसी कारण जिले में अवैध खनन और अवैध खरीद-बिक्री करने वालों से हर माह औसतन एक करोड़ रुपये जुर्माना वसूला जाता है.
-सुनील कुमार चौधरी, खनन इंस्पेक्टर
POSTED BY: Thakur Shaktilochan
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




