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रेल यात्रियों की सुरक्षा चार लाख सीसीटीवी कैमरों से

Updated at : 15 Jul 2025 6:07 AM (IST)
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Safety of Railway Passengers

Safety of Railway Passengers

रेल मंत्रालय ने सभी ट्रेनों और इंजनों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का फैसला किया है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा तो सुनिश्चित होगी ही, इससे आग लगने, दुर्घटना होने या दूसरी आपात स्थितियों में भी समय पर जरूरी कदम उठाना संभव हो सकेगा.

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रेलवे स्टेशनों तथा ट्रेनों को आधुनिक स्वरूप देने तथा रेल सफर को सुविधाजनक बनाने के बाद रेल मंत्रालय ने अब यात्रियों की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित किया है, जो स्वागतयोग्य है. हाल ही में रेल मंत्री और रेल राज्यमंत्री ने उत्तरी रेलवे में रेल डिब्बों और इंजनों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की प्रगति की समीक्षा करने के बाद यह निर्णय लिया कि अब देश की तमाम ट्रेनों और इंजनों में सीसीटीवी कैमरे लगाये जायेंगे. कुल 74,000 रेल डिब्बों और 15,000 इंजनों में लगाने के लिए चार लाख सीसीटीवी कैमरों की जरूरत पड़ेगी. इनमें एआइ का भी इस्तेमाल किया जायेगा और कैमरे फेसियल रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) से लैस होंगे, ताकि ट्रेनों में सक्रिय बदमाशों और संगठित गिरोहों की पहचान सुनिश्चित हो सके.

प्रत्येक कोच में चार-चार डोम सीसीटीवी कैमरे तथा इंजन में छह-छह सीसीटीवी कैमरे लगाये जायेंगे. यात्रियों की निजता का ध्यान रखते हुए कैमरे कोच के बीचोंबीच नहीं, बल्कि चारों गेटों के आसपास कॉरिडोर में लगाये जायेंगे. जबकि इंजन में आगे-पीछे तथा दोनों ओर कैमरे लगाये जायेंगे. कैमरों की क्वालिटी ऐसी होगी, जो सौ किलोमीटर प्रतिघंटे से अधिक की रफ्तार में चलने वाली ट्रेनों और कम रोशनी में भी उच्च गुणवत्ता वाली फुटेज ले सकें और स्पष्ट रिकॉर्डिंग कर सकें.

कैमरे लगाने का मुख्य उद्देश्य बदमाशों और संगठित गिरोहों द्वारा चोरी-चकारी, जहरखुरानी और अन्य तरह के अपराधों पर रोक लगाना है. इससे चोरी, छेड़छाड़, उत्पीड़न और आपराधिक घटनाओं पर तो लगाम लगेगी ही, आग लगने, दुर्घटना होने या तत्काल चिकित्सा की जरूरत जैसी आपात स्थिति में स्थिति का आकलन करने में भी मदद मिलेगी. यह तथ्य है कि ट्रेनों में चोरी अब भी एक बड़ी समस्या है और इस पर अंकुश नहीं लगाया जा सका है. राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के 2023 के आंकड़े के मुताबिक, ट्रेनों में अपराध के मामले में महाराष्ट्र पहले नंबर पर है, और उसके बाद मध्य प्रदेश है.

इन अपराधों में रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के बाद चोरी के ही सबसे ज्यादा मामले हैं. दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क भारतीय रेलवे प्रतिदिन 13,000 से अधिक यात्री ट्रेनें चलाता है, जिन पर रोज करीब 2.4 करोड़ लोग सफर करते हैं. इसी से समझा जा सकता है कि रेलयात्रियों की सुरक्षा कितनी जरूरी है. अब रेल मंत्रालय आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करते हुए ट्रेनों में चोरी समेत दूसरे अपराधों पर अंकुश लगाने की जो पहल कर रहा है, उससे रेल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी.

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