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संघर्षविराम का उल्लंघन

Updated at : 12 May 2025 7:47 AM (IST)
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संघर्षविराम का उल्लंघन

पाकिस्तान की आक्रामकता का मुंहतोड़ जवाब देते हुए भारत ने विश्व समुदाय को भी भरोसे में लिया, जिसका सार्थक नतीजा सामने आया. पाकिस्तान से तनाव के बीच लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल की यूनिट का उद्घाटन होना भी एक उल्लेखनीय घटनाक्रम है, जिसे देश की सैन्य क्षमता से जुड़ा एक बड़ा कदम बताया जा रहा है.

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भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम पर दोतरफा सहमति बनने के बाद भी सीमा के उस पार से भारतीय ठिकानों को निशाना बनाने की जैसी कोशिश हुई, वे एक बार फिर पाकिस्तान की असलियत ही उजागर करती है. यह बार-बार प्रमाणित हुआ है कि गिरगिट की तरह रंग बदलने वाले पाकिस्तान पर भरोसा नहीं किया जा सकता. पाकिस्तान द्वारा संघर्षविराम के उल्लंघन के दो तात्कालिक कारण रहे हो सकते हैं. एक तो इसके जरिये पाक सेना ने अपना वर्चस्व बताने की कोशिश की हो. दूसरे, पाकिस्तान को लगा कि इस आक्रामकता के जरिये वह भारत को नरमी बरतने के लिए मजबूर कर सकता है. लेकिन भारत ने साफ कर दिया है कि संघर्षविराम लागू होने के बावजूद, जिस पर आज शाम एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के डीजीएमओ (डायरेक्टर जनरल, मिलिटरी ऑपरेशंस) की बातचीत होनी है, भारत द्वारा पहले लिये गये फैसले, जैसे सिंधु जल संधि पर रोक, अटारी चेकपोस्ट पर रोक, व्यापार प्रतिबंध,पाक कलाकारों और अभिनेताओं पर रोक, पाक नागरिकों के लिए वीजा सेवाओं का निलंबन पहले की तरह जारी रहेंगे और एयरस्पेस भी बंद रखा जायेगा. भारत की तरफ से यह भी कह दिया गया है कि भविष्य में कोई आतंकवादी हमला हुआ, तो उसे भारत के खिलाफ युद्ध माना जायेगा.

इससे यह पूरी तरह स्पष्ट है कि संघर्षविराम के लिए राजी होने के बावजूद भारत अपने हित से थोड़ा भी नहीं हटा है. चूंकि हमारी तरफ से बार-बार यह कहा गया कि भारत उकसावे वाली कार्रवाई नहीं करना चाहता, उसका लक्ष्य आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद करना है, लिहाजा संघर्षविराम पर राजी होना स्वाभाविक ही है. लेकिन यह भी नहीं भूलना चाहिए कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में हमने आतंकी ठिकानों को सटीक तरह से निशाना बनाया, जिसमें तीनों सेनाओं का शानदार तालमेल रहा. पाकिस्तान की आक्रामकता का मुंहतोड़ जवाब देते हुए भारत ने विश्व समुदाय को भी भरोसे में लिया, जिसका सार्थक नतीजा सामने आया. पाकिस्तान से तनाव के बीच लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल की यूनिट का उद्घाटन होना भी एक उल्लेखनीय घटनाक्रम है, जिसे देश की सैन्य क्षमता से जुड़ा एक बड़ा कदम बताया जा रहा है. यह भारत और रूस की साझा परियोजना है. पाकिस्तान की तरफ से संघर्षविराम का उल्लंघन किये जाने के बाद भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई से सीमापार से आक्रामकता पर अंकुश लगा है. इसके बावजूद पाकिस्तान पर चूंकि भरोसा नहीं किया जा सकता, इसलिए आंतरिक सुरक्षा पर ध्यान देने के साथ-साथ सीमा पर चौकसी बनाये रखने की जरूरत है.

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