ePaper

बजट में ग्रामीण भारत

Updated at : 03 Feb 2021 7:28 AM (IST)
विज्ञापन
बजट में ग्रामीण भारत

ग्रामीण भारत में लोगों की आजीविका, आवास और यातायात आदि को बुनियादी तौर पर मजबूत करने को लेकर बजट में एक दूरदर्शी लक्ष्य रखा गया है.

विज्ञापन

इस बार के बजट में भविष्य की कई योजनाओं और कार्यक्रमों की रूपरेखा खींची गयी है. सामान्य जन और महिलाओं के जीवन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य कार्यक्रमों, स्वच्छता, पोषण, स्वच्छ जलापूर्ति और कामकाज के अवसर बढ़ाने पर खास तौर पर जोर दिया गया है. हाल के वर्षों में रक्षा और ग्रामीण विकास दो ऐसे मंत्रालय रहे हैं, जहां एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का आवंटन होता रहा है. इस बार भी ग्रामीण विकास मंत्रालय के बजट में 10 फीसदी की बढ़ोतरी की गयी है.

बीते दिनों देश को सार्वजनिक स्वास्थ्य के सबसे गंभीर संकट का सामना करना पड़ा. कोरोना काल में ग्रामीण भारत को स्वास्थ्य और इलाज की चुनौतियों से जूझना पड़ा, वहीं शहरों से बड़ी तादाद में कामगारों की वापसी के कारण बड़े पैमाने पर रोजगार का संकट भी उत्पन्न हो गया. इस दौरान आमजन की सामाजिक सुरक्षा और रोटी-रोजगार सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने दो प्रोत्साहन पैकेज जारी किये. इससे वित्त वर्ष 2020-21 का ग्रामीण विकास बजट का संशोधित अनुमान 1.97 लाख करोड़ तक पहुंच गया.

हालांकि, ग्रामीण आजीविका को पटरी पर लाने के लिए बजट में 10 प्रतिशत की बढ़त कम ही है, लेकिन दूसरा पहलू यह भी है कि लोग रोजगार के लिए अब दोबारा शहरों का रुख करने लगे हैं, जिससे मनरेगा आदि योजनाओं पर दबाव कम होगा. ग्रामीण परिवारों के लिए राष्ट्रीय आजीविका मिशन के बजट में बढ़ोतरी की गयी है. मनरेगा के लिए आवंटन इस वर्ष के संशोधित अनुमान से कम है. चूंकि, यह मांग आधारित कार्यक्रम है और आवश्यकता होने पर अतिरिक्त धन प्राप्त किया जा सकता है.

ग्रामीण संरचनागत विकास निधि में बढ़ोतरी के साथ-साथ कृषि और सहायक क्षेत्रों में कई योजनाओं के विस्तार का लक्ष्य रखा गया है, जिससे किसानों और कामगारों की आमदनी के नये संसाधन सृजित होंगे. साथ ही विधवाओं, दिव्यांगों और बुजुर्गों के सामाजिक सहायता कार्यक्रमों तथा मुफ्त अनाज वितरण कार्यक्रमों के लिए आवंटन को थोड़ा बढ़ाया गया है. कोरोना काल में ग्रामीण महिलाओं की वित्तीय मदद के लिए अतिरिक्त धन की व्यवस्था की गयी थी. खासकर उज्ज्वला जैसी योजनाओं से लाखों महिलाओं के जीवन के बड़ा बदलाव आया है.

सरकार ने इसमें एक करोड़ अतिरिक्त परिवारों को शामिल करने की बात कही है. अर्थव्यवस्था के समक्ष तमाम चुनौतियों के बीच इस बजट को प्रधानमंत्री मोदी ने ‘गांव और गरीब’ का बजट बताया है. यह सही भी है कि कृषि क्षेत्र को मजबूती और किसानों की आमदनी में बढ़ोतरी किये गये बगैर आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को पूरा नहीं किया जा सकता है. आत्मनिर्भरता, आमजन में आत्मविश्वास को जगाती है, जो देश की युवा आबादी को नये भारत के सृजन के लिए प्रेरित करेगी. ग्रामीण भारत में लोगों की आजीविका, आवास और यातायात आदि को बुनियादी तौर पर मजबूत करने को लेकर बजट में एक दूरदर्शी लक्ष्य रखा गया है.

Posted by: Pritish Sahay

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola