पानी के लिए कब तक आंदोलन
Updated at : 10 May 2017 5:39 AM (IST)
विज्ञापन

गर्मी आते ही आसनसोल-दुर्गापुर के शिल्पांचल तथा कोयलांचल इलाके में पेयजल के लिए मारामारी शुरू हो जाती है. लोगों को कई किलोमीटर दूर से पीने का पानी लाना पड़ता है. जबकि प्रायः हर साल ही निगम स्तर से लेकर सरकार के जलापूर्ति मंत्रालय तक से लोगों से इसे ठीक करने का आश्वासन मिलता रहा है. […]
विज्ञापन
गर्मी आते ही आसनसोल-दुर्गापुर के शिल्पांचल तथा कोयलांचल इलाके में पेयजल के लिए मारामारी शुरू हो जाती है. लोगों को कई किलोमीटर दूर से पीने का पानी लाना पड़ता है. जबकि प्रायः हर साल ही निगम स्तर से लेकर सरकार के जलापूर्ति मंत्रालय तक से लोगों से इसे ठीक करने का आश्वासन मिलता रहा है.
पेयजल परियोजनाओं पर करोड़ों खर्च के वाबजूद ऐसी क्या बात है कि हर साल पानी की पूर्ति के लिए सड़क पर आंदोलन करने की जरूरत पड़ती है. इस समस्या का कोई स्थायी निदान सरकार के पास है या नहीं? ऐसा लगता है सरकार जानबूझ कर समस्याओं को बरकरार रखना चाहती है. सरकार आम जन की समस्याओं का स्थायी निदान दे तभी जनता उस सरकार को भी स्थायित्व प्रदान करती है.
पारो शैवलिनी, आसनसोल
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




