बाल मजदूरी एक ''जघन्य अपराध''

Updated at : 29 Jul 2016 4:43 AM (IST)
विज्ञापन
बाल मजदूरी एक ''जघन्य अपराध''

बचपन जीवन का सबसे यादगार क्षण होता है. हर इनसान को जन्म से जीने का अधिकार है, बच्चों को अपने दोस्तों के साथ खेलने का, स्कूल जाने का, माता-पिता के प्यार को एहसास करने का तथा प्रकृति की सुंदरता का आनंद लेने का पूरा अधिकार है. जबकि सिर्फ माता-पिता और शोषकों की गलत समझ के […]

विज्ञापन
बचपन जीवन का सबसे यादगार क्षण होता है. हर इनसान को जन्म से जीने का अधिकार है, बच्चों को अपने दोस्तों के साथ खेलने का, स्कूल जाने का, माता-पिता के प्यार को एहसास करने का तथा प्रकृति की सुंदरता का आनंद लेने का पूरा अधिकार है. जबकि सिर्फ माता-पिता और शोषकों की गलत समझ के कारण बच्चों को बड़ों की तरह जीवन बिताने पर मजबूर होना पड़ रहा है.
कुछ बच्चों को चंद रुपये की खातिर अपना बचपन कुरबान करना पड़ रहा है. माता-पिता को परिवार की जिम्मेदारी खुद से लेनी चाहिए तथा अपने बच्चों को उनका बचपन प्यार और अच्छी परवरिश के साथ जीने देना चाहिए. पूरी दुनिया में बाल मजदूरी एक जघन्य अपराध है. यह देश के विकास को प्रत्यक्षत: प्रभावित कर रहा है.
बाल मजदूरी से बच्चों को बचाने की जिम्मेदारी देश के हर नागरिक की है. यह एक सामाजिक समस्या है जो लंबे समय से चल रही है और इसे जड़ से उखाड़ने की जरूरत है. आइए हम सब मिल कर बाल-मजदूरी की प्रथा को नियंत्रित करने का प्रयास करें.
माणिक मुखर्जी, जमशेदपुर
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola