विकल्प न बन पायी ''आप''
Updated at : 28 Jul 2016 6:44 AM (IST)
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भारतीय राजनीति में एक विकल्प के रूप में खुद को पेश कर आम आदमी पार्टी (आप) बनी थी और पार्टी की ‘तंत्र परिवर्तन’ की इच्छा को महत्व देकर दिल्ली की जनता ने विधानसभा के चुनाव में प्रचंड बहुमत के साथ चुना़ लेकिन अफसोस और आश्चर्य की बात है कि दो साल की अवधि में ही […]
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भारतीय राजनीति में एक विकल्प के रूप में खुद को पेश कर आम आदमी पार्टी (आप) बनी थी और पार्टी की ‘तंत्र परिवर्तन’ की इच्छा को महत्व देकर दिल्ली की जनता ने विधानसभा के चुनाव में प्रचंड बहुमत के साथ चुना़ लेकिन अफसोस और आश्चर्य की बात है कि दो साल की अवधि में ही ‘आप’ के 11 विधायक धोखाधड़ी, दुष्कर्म, मारपीट आदि आपराधिक मामलों में फंस चुके हैं.
पार्टी के सांसद भगवंत मान को संसद भवन के भीतरी भाग का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में अपलोड करने के मामले में जांच पूरी होने तक संसदीय कार्यवाही से दूर रहने का आदेश हुआ है. इनकी इस हरकत से संसद की सुरक्षा व्यवस्था पर आंच आने की संभावना है.
यह गंभीर विषय है कि विकल्प बनने की आस जगाने वाली ‘आप’ में इतने सारे आपराधिक छवि के लोग कैसे टिकट पाये और गैर जिम्मेदार लोक प्रतिनिधि के रूप में उभरे. इनके 21 विधायकों की सदस्यता भी रद्द हो सकती है जो दोहरे लाभ के पद के मामले में फंसे हैं और मामले विचाराधीन हैं. आप को जनता से माफी मांग कर सिर्फ आरोप की राजनीति से बचकर एक अच्छी राजनैतिक परंपरा की नींव डालनी चाहिए.
मनोज आजिज, जमशेदपुर
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