असुरक्षित हैं लोग
Updated at : 09 May 2016 1:36 AM (IST)
विज्ञापन

रात के दस बजे, वो भी गरमी के दिनों में जब दुमका जैसे शहर में हलचल रहती है, उस वक्त एक समाजसेवी नेता की निर्मम हत्या हो जाती है और अपराधी भागने में सफल हो जाते हैं. यह हमारी लचर सुरक्षा व्यवस्था को दर्शाता है. अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं. इस तरह की घटना को […]
विज्ञापन
रात के दस बजे, वो भी गरमी के दिनों में जब दुमका जैसे शहर में हलचल रहती है, उस वक्त एक समाजसेवी नेता की निर्मम हत्या हो जाती है और अपराधी भागने में सफल हो जाते हैं. यह हमारी लचर सुरक्षा व्यवस्था को दर्शाता है.
अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं. इस तरह की घटना को अंजाम दे रहे हैं. यह दुखद बात है. ऐसी घटनाओं से शहर की शांति खत्म हो रही है. लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. इन घटनाओं को रोकने के लिए सरकार को ठोस इंतजाम करने चाहिए, ताकि ऐसी घटना फिर न हो.
पीयूष राज, दुमका
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




