नालों का सदुपयोग जरूरी!
Updated at : 03 May 2016 6:10 AM (IST)
विज्ञापन

देश में असंख्य नालों का जाल बिछा है, जिनमें नदियों और नलकूपों आदि से उद्योगों और जनता द्वारा प्रयुक्त अथाह पानी बेकार हो जाता है. बड़े दुख की बात है कि इन सभी नालों का गंदा पानी नदियों में जाता है, जिससे यह प्रदूषित पानी कई गंभीर समस्याओं और बीमारियों को जन्म देती है. इसलिए […]
विज्ञापन
देश में असंख्य नालों का जाल बिछा है, जिनमें नदियों और नलकूपों आदि से उद्योगों और जनता द्वारा प्रयुक्त अथाह पानी बेकार हो जाता है. बड़े दुख की बात है कि इन सभी नालों का गंदा पानी नदियों में जाता है, जिससे यह प्रदूषित पानी कई गंभीर समस्याओं और बीमारियों को जन्म देती है. इसलिए सभी नालों को नदियों से अलग किया जाना जरूरी है.
साथ ही सभी नदियों की खुदाई और सफाई भी बहुत जरूरी है. दुर्भाग्य से यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के कारण आज तक महज फाइलों तक ही सीमित रही है. क्योंकि, आज भी नदियां मिट्टी और गाद से अटी पड़ी हैं. इनका इस्तेमाल सड़क बनाने में किया जा सकता है. सबसे अच्छी बात यह है कि इन नयी सड़कों और पटरियों के साथ नीम, पीपल, जामुन आदि के पौधे भी लाभकारी होंगे. क्योंकि, नालों की भरपूर नमी और खाद से पौधे हमेशा हरे-भरे रहेंगे.
वेद मामूरपुर, नरेला
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




