शिक्षा के विकास का रास्ता

Published at :30 Dec 2013 5:21 AM (IST)
विज्ञापन
शिक्षा के विकास का रास्ता

2011 की जनगणना के अनुसार, हमारे राज्य झारखंड में साक्षरता दर 67.63 है, जो एक चिंतनीय विषय है. शिक्षा के विकास के लिए कई कदम उठाये गये, पर सफलता अब भी बहुत दूर दिख रही है. इसका मुख्य कारण हमारी लाचार और भ्रष्ट सरकारी संरचना है. शिक्षा के विकास का अंतिम रास्ता बस यही बचा […]

विज्ञापन

2011 की जनगणना के अनुसार, हमारे राज्य झारखंड में साक्षरता दर 67.63 है, जो एक चिंतनीय विषय है. शिक्षा के विकास के लिए कई कदम उठाये गये, पर सफलता अब भी बहुत दूर दिख रही है. इसका मुख्य कारण हमारी लाचार और भ्रष्ट सरकारी संरचना है.

शिक्षा के विकास का अंतिम रास्ता बस यही बचा है कि पूरे राज्य में यह नियम लागू किया जाना चाहिए कि जो भी व्यक्ति सरकारी नौकरी में है, चाहे वह कलेक्टर हो या प्रशासनिक अधिकारी या कोई अन्य कर्मचारी, सभी के बच्चे सरकारी स्कूल में ही पढ़ेंगे. और जिनके बच्चे सरकारी स्कूल में न पढ़ें, उन्हें सरकारी नौकरियों से निकाल दिया जाए. सभी लोग समझ सकते हैं कि ऐसे में सरकारी स्कूलों की अहमियत बढ़ जायेगी. शिक्षक समय पर आयेंगे और अपने काम के प्रति निष्ठावान होंगे. तब इन स्कूलों में शिक्षा का स्तर बढ़ जायेगा.
देव कुमार वर्मा, धनबाद

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola