टीम इंडिया का उभार

Published at :03 Sep 2015 12:13 AM (IST)
विज्ञापन
टीम इंडिया का उभार

भारत की जोश से भरी युवा क्रिकेट टीम की श्रीलंका में शानदार विजय केवल इस मायने में महत्वपूर्ण नहीं है कि श्रीलंका को उसी की धरती पर टेस्ट सीरीज में हराने के लिए हम 22 साल से तरस रहे थे, बल्कि इससे निकले संकेत कहीं आगे तक ले जाते हैं. विराट कोहली के आक्रामक नेतृत्व […]

विज्ञापन

भारत की जोश से भरी युवा क्रिकेट टीम की श्रीलंका में शानदार विजय केवल इस मायने में महत्वपूर्ण नहीं है कि श्रीलंका को उसी की धरती पर टेस्ट सीरीज में हराने के लिए हम 22 साल से तरस रहे थे, बल्कि इससे निकले संकेत कहीं आगे तक ले जाते हैं.

विराट कोहली के आक्रामक नेतृत्व में यह पहली टेस्ट सीरीज जीत हमें आश्वस्त करती है कि महान कप्तानों में शुमार महेंद्र सिंह धौनी के दिसंबर, 2014 में टेस्ट क्रिकेट से अचानक संन्यास के बाद भी भारतीय टीम का भविष्य उम्मीदों से भरा है.

यह कप्तान कोहली व डायरेक्टर रवि शास्‍त्री के समन्वय भरे सकारात्मक सोच का ही नतीजा है कि पूरी टीम हर क्षेत्र में लय में दिखी. कई प्रमुख बल्लेबाजों और गेंदबाजों ने संघर्ष के नाजुक मौकों पर टीम को संभालने और श्रेष्ठ प्रदर्शन का जज्बा दिखाया. बल्लेबाजों में मुरली विजय और शिखर धवन के अलावा अब केएल राहुल भी ओपनर के रूप में खेलने के दावेदार हैं. मध्य क्रम में कोहली के अलावा अजिंक्य रहाणो और चेतेश्वर पुजारा की दावेदारी भी फिलहाल निर्विवाद नजर आ रही है.

हाल तक टीम इंडिया की एक कमजोर कड़ी मानी जानेवाली गेंदबाजी आर अश्विन और अमित मिश्र की फिरकी तथा इशांत शर्मा और उमेश यादव की कहर बरपाती गेंदबाजी के साथ विदेशी धरती पर तीन टेस्ट मैचों में सभी साठ विकेट चटका कर अब एक नये लय में दिख रही है.

कप्तान कोहली ने सीरीज से पहले ही अपनी यह रणनीति जाहिर कर दी थी कि टेस्ट में विपक्षी टीम के सभी 20 विकेट लेनेवाली टीम ही जीत की सही हकदार होती है. हालांकि पहले टेस्ट में जीत के करीब पहुंच कर हार जाने का बाद कोहली की इस रणनीति की आलोचना भी हुई. कई विशेषज्ञ कह रहे थे कि छह बल्लेबाज रखने की रक्षात्मक रणनीति को त्याग कर पांच गेंदबाजों के साथ खेलने का फैसला सही नहीं है.

लेकिन, कोहली ने अपना फैसला बदलने के बजाय टीम को तालमेल के साथ बेहतर प्रदर्शन के लिए उत्साहित किया. इस जीत के साथ यह सोच भी पीछे छूटेगी कि भारतीय टीम विदेशी कोच के भरोसे ही विदेशी धरती पर अच्छा प्रदर्शन कर सकती है.

आधुनिक क्रिकेट की बारीक समझ रखनेवाले रविशाी के नेतृत्व में भारतीय कोच की टीम ने साबित किया है कि वे भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन नतीजे देने का माद्दा रखते हैं. कप्तान और कोच की अगली परीक्षा दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू सीरीज में होगी. उम्मीद करनी चाहिए कि टीम इंडिया का यह उभार हमें आनेवाले समय में भी गर्व करने के अनेक मौके मुहैया करायेगी.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola