भूकंप के खतरों से बेपरवाह सरकार
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :05 May 2015 1:29 AM (IST)
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प्राकृतिक आपदाओं को रोकना संभव नहीं है, लेकिन बचाव की तैयारी करके नुकसान को कम जरूर किया जा सकता है. पिछले दिनों नेपाल में आये भूकंप से हुई भारी तबाही को देखते हुए सवाल उठता है कि क्या हम ऐसी त्रसदी से पार पाने के लिए तैयार हैं? दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु समेत देश में कई […]
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प्राकृतिक आपदाओं को रोकना संभव नहीं है, लेकिन बचाव की तैयारी करके नुकसान को कम जरूर किया जा सकता है. पिछले दिनों नेपाल में आये भूकंप से हुई भारी तबाही को देखते हुए सवाल उठता है कि क्या हम ऐसी त्रसदी से पार पाने के लिए तैयार हैं?
दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु समेत देश में कई ऐसे स्थान हैं, जहां भूकंप आने पर नेपाल से कई गुना ज्यादा तबाही हो सकती है.
फिर भी अब तक किये गये प्रयासों से तो यही लगता है कि सरकार जन सुरक्षा से जुड़े ऐसे मुद्दे को ज्यादा तवज्जो देना नहीं चाहती. विडंबना ही है कि 1.28 अरब की आबादीवाले देश में आज आपदा प्रबंधन खुद आपदाग्रस्त है. वर्षो से बरती जानेवाली उपेक्षाओं से लोग अपना अस्तित्व बचाने के लिए सरकार की ओर टकटकी लगाये हुए हैं. इसे सहज ही समझा जा सकता है कि आपदा सुरक्षा के प्रति सरकार कितनी बेपरवाह है.
अभिमन्यु पांडेय, धनबाद
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