आप जीती या फिर भाजपा की हुई हार
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :13 Feb 2015 5:42 AM (IST)
विज्ञापन

पिछले दिनों देश की राजधानी दिल्ली में घोषित चुनाव के नतीजों ने पूरे देश को एक संदेश दिया है. खास कर राजनीति के क्षेत्र में राजनेताओं को तो सबक मिला ही है. देश में ढाई साल पहले पैदा हुई राजनीतिक पार्टी आप ने दूसरी सबसे पुरानी पार्टी भाजपा को पटखनी दे दी. सोचनेवाली बात है […]
विज्ञापन
पिछले दिनों देश की राजधानी दिल्ली में घोषित चुनाव के नतीजों ने पूरे देश को एक संदेश दिया है. खास कर राजनीति के क्षेत्र में राजनेताओं को तो सबक मिला ही है. देश में ढाई साल पहले पैदा हुई राजनीतिक पार्टी आप ने दूसरी सबसे पुरानी पार्टी भाजपा को पटखनी दे दी.
सोचनेवाली बात है कि पिछले साल के लोकसभा चुनाव से लेकर अभी हाल ही में संपन्न हुए झारखंड के विधानसभा चुनावों तक जिस पार्टी का एकछत्र राज्य स्थापित होता जा रहा था, अचानक दिल्ली पहुंच कर विजयरथ का पहिया पंक्चर हो गया. इसके पीछे कारण क्या हैं. क्या आप को उसके कामों या वादों पर बहुमत मिला?
क्या भाजपा और उसके नेताओं की करतूतों ने उसे हार का स्वाद चखने पर मजबूर नहीं किया? लगातार मिल रही जीत ने भाजपा में जो अहं पैदा किया, उससे उसे हार मिली और आप को जीत.
उत्सव रंजन, हजारीबाग
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




