चुनाव के नाम पर इतना शोर क्यों?
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :05 Dec 2014 1:01 AM (IST)
विज्ञापन

इन दिनों राज्य में जारी विधानसभा चुनाव के चलते हर गली, हर मोहल्ले, हर सोसाइटी में इतना शोर हो रहा है कि पढ़ाई-लिखाई तो क्या, कोई भी काम करने का मन ही नहीं करता. प्रचार के नाम पर विभिन्न गाड़ियों में लगे कानफोड़ू चोंगे और उनसे बजते तरह-तरह के गाने और भाषणबाजियां. क्या यह जनता […]
विज्ञापन
इन दिनों राज्य में जारी विधानसभा चुनाव के चलते हर गली, हर मोहल्ले, हर सोसाइटी में इतना शोर हो रहा है कि पढ़ाई-लिखाई तो क्या, कोई भी काम करने का मन ही नहीं करता. प्रचार के नाम पर विभिन्न गाड़ियों में लगे कानफोड़ू चोंगे और उनसे बजते तरह-तरह के गाने और भाषणबाजियां.
क्या यह जनता को याद दिलाने के लिए है कि फलां दिन फलां पार्टी के फलां प्रत्याशी को वोट जरूर करें? आम लोग इनकी बातों में आकर इन्हें वोट दे भी आते हैं, लेकिन चुनाव जीत जाने के बाद ये लोग खुद को जनता का सेवक तो कहते हैं, लेकिन जनता को भूल जाते हैं. फिर इन्हें पांच साल बाद जनता की याद आती है. क्या ऐसा प्रावधान भी नहीं होना चाहिए कि जनता भी अपने चुने नेता के कानों में भोंपू बजा कर उन्हें उनके कर्तव्य के प्रति सचेत करें. अगर यह संभव नहीं है तो नेता बेवजह शोरगुल बंद करें.
सुदीप्ता दास, जमशेदपुर
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




