..ताकि रहे आपका बच्‍चा सलामत!

Published at :08 Sep 2014 6:26 AM (IST)
विज्ञापन
..ताकि रहे आपका बच्‍चा सलामत!

आये दिन मीडिया में ऐसी खबरें आती रहती हैं, जिनसे लगता है कि बच्चे कहीं भी सुरक्षित नहीं. न घर में, न पास-पड़ोस में और न ही स्कूल में. घर में तो आप नजर रख सकते हैं, पर बाहर उनकी सुरक्षा का क्या? ऐसी ही चिंता से मुक्ति दिलाने के लिए कुछ उपकरण बाजार में […]

विज्ञापन

आये दिन मीडिया में ऐसी खबरें आती रहती हैं, जिनसे लगता है कि बच्चे कहीं भी सुरक्षित नहीं. न घर में, न पास-पड़ोस में और न ही स्कूल में. घर में तो आप नजर रख सकते हैं, पर बाहर उनकी सुरक्षा का क्या? ऐसी ही चिंता से मुक्ति दिलाने के लिए कुछ उपकरण बाजार में आ गये हैं.

सेंट्रल डेस्क

पिछले दिनों बेंगलुरु और दिल्ली सहित देश के कुछ शहरों में स्कूल बसों में छोटे बच्चों के यौन शोषण की घटनाएं सामने आयीं. ऐसी घटनाओं से बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों की फिक्र और ज्यादा बढ़ गयी है. बीते जनवरी माह में ही केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसइ) ने अपने से संबद्ध सभी स्कूलों को बसों में ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम (जीपीएस) लगाने का आदेश दिया था, लेकिन इसे बहुत कम स्कूलों ने गंभीरता से लिया. ज्यादातर स्कूल इसके लिए जरूरी संसाधनों का रोना रो रहे हैं.

स्कूलों पर सख्ती करना तो सरकार का काम है, लेकिन अपनी तरफ से कुछ कदम उठा कर अभिभावक अपने बच्चों की सुरक्षा को पुख्ता कर सकते हैं. इसमें उनकी मददगार बनेगी तकनीक. नये जमाने की नयी तकनीक से लैस जीपीएस बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी अभिभावकों की हर शंका का समाधान करने का माद्दा रखते हैं.

उदाहरण के लिए, कनेक्ट माइ वल्र्ड का डिजाइन किया हुआ पर्सनल जीपीएस ट्रैकर अभिभावकों को बच्चों के बारे में हर खबर देता रहता है. मसलन, उनके आसपास की आवाज के जरिये आप जान सकेंगे कि वे कहां हैं, क्या कर रहे हैं, किससे बात कर रहे हैं. यह सब आप जान सकते हैं, वह बिना किसी इंटरनेट या लैपटॉप के. बच्चे के हाथ से बांधी जानेवाली इस डिवाइस में ‘हेल्प मी’ बटन भी है, जिसे दबाने से उनके अभिभावकों के पास एसएमएस के जरिये इस बात की खबर पहुंच जाती है कि वह खतरे में है. 4800 रुपये के इस उपकरण की बैट्री एक बार चार्ज हो जाने पर पांच से 10 दिनों तक चलती है.

जीपीएस तकनीक वाला एक अन्य उपकरण है- हियरिओ. घड़ी की डिजाइन वाला यह उपकरण आइओएस और एंड्रॉयड फोन के एक फ्री ऐप से कनेक्ट होकर अभिभावक को बच्चे का पल-पल का अपडेट देता है. इसके जरिये अभिभावक अपने बच्चे का हाल-चाल एक एसएमएस भेज कर जान सकते हैं.

यही नहीं, अगर बच्च कहीं खो गया तो आप उसे अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए सही रास्ता बतला सकते हैं. ई-कॉमर्स वेबसाइट ‘इंडीगोगो डॉट कॉम’ से आप इस गैजेट को 99 डॉलर, यानी लगभग 6100 रुपये में खरीद सकते हैं. इंटरनेट से चलनेवाली इस डिवाइस के लिए पहले छह माह का जीपीएस मुफ्त मिलेगा.

अब आप सोचेंगे कि अगर बच्चे ने जीपीएस ट्रैकर खुद से अलग कर दिया या किसी और ने ऐसा कर दिया तो? इसके लिए इंडीगोगो पर किडस्पोर्ट नाम का ऐसा गैजेट उपलब्ध है, जिसे बच्चे की कलाई या टखने से बांधा जा सकता है. इसमें मौजूद पैनिक बटन दबाने से बच्चे के अभिभावक के फोन पर अलर्ट मैसेज तो चला ही जायेगा, इसके अलावा, यह तब भी मैसेज भेजता है जब इसे शरीर से अलग किया जाता है. वाटरप्रूफ होने के नाते आपका बच्च इसे हर मौसम, हर जगह पहन सकता है. इसमें आप नियमित अंतराल पर या फिर अपने फोन के एक बटन क्लिक पर भी अपने बच्चे की स्ट्रीट व्यू लोकेशन पा सकते हैं. इस गैजेट की कीमत 129 डॉलर, यानी लगभग 7900 रुपये है.

अपने बच्चे को स्कूल भेजनेवाले हर माता-पिता की यह चिंता रहती है कि उनका बच्च सुरक्षित है या नहीं. माना कि आधुनिक तकनीकों से लैस इन जीपीएस उपकरणों की कीमत ज्यादा है और इन्हें खरीदना हर किसी के बस की बात नहीं है. लेकिन आशा है कि जिस तरह तकनीक दिन-ब-दिन उन्नत होती जा रही है, एक दिन ऐसा भी आयेगा जब ऐसे उपकरण आम लोगों की पहुंच में होंगे.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola