अपने यहां कॉलेज खोले सरकार
Author Prabhat khabar digital desk
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जिस तरह हम लोग अपना प्रदेश छोड़ दूसरे प्रदेश में मजदूरी करने जाते हैं, पढ़ाई करने जाते हैं, उससे कई बार बिहारवासी होने का दंश भी झेलना पड़ता है.क्या यह राज्य सरकार को दिखायी नहीं देता कि कोई उद्योग नहीं होने के कारण बिहारवासी बाहर जाते हैं? ठीक उसी प्रकार छात्र-छात्राएं भी बिहार से बाहरतकनीकी […]
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जिस तरह हम लोग अपना प्रदेश छोड़ दूसरे प्रदेश में मजदूरी करने जाते हैं, पढ़ाई करने जाते हैं, उससे कई बार बिहारवासी होने का दंश भी झेलना पड़ता है.क्या यह राज्य सरकार को दिखायी नहीं देता कि कोई उद्योग नहीं होने के कारण बिहारवासी बाहर जाते हैं? ठीक उसी प्रकार छात्र-छात्राएं भी बिहार से बाहरतकनीकी कोर्स करने जाते हैं. दूसरे तरह के कोर्स करने भी बाहर जाना पड़ता है.
लगता है बिहार सरकार शिक्षा को लेकर सजग नहीं है. बड़े-बड़े कॉलेज खोलनेमें क्या दिक्कत है सरकार को? फार्मेसी के अच्छे कॉलेज खोलने चाहिए, ताकि बच्चे दूर ना जायें. इंजीनियरिंग काॅलेज खोलें, प्राइवेट और सरकारी दोनोंमिलकर खोलें तो अच्छा होगा. इससे राज्य और भी ज्यादा विकसित होगा. लेकिन समस्या यह है कि लोग अपनी कुर्सी बचाने के चक्कर में पांच साल खींचदेते हैं और जब आखिरी समय आता है, तब कुछ योजनाओं का शिलान्यास कर जनता की आंखों में धूल झोंकने लगते हैं. हमारे देश में यह बहुत ही खराबतरह की राजनीति है.
दिवाकर कुमार, मोतिहारी, बिहार
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