हांगकांग में लोकतंत्र की राह!

हांगकांग की मुख्य कार्यकारी अधिकारी केरी लैम ने कहा है कि जनता की राय को विनम्रतापूर्वक और गंभीरता से लिया जायेगा. लोकतंत्र समर्थक उम्मीदवारों ने 18 जिला परिषद् में से 17 में जीत का परचम लहराया है. चुनाव स्थानीय जरूर था, पर उसका असर विश्वव्यापी होगा. इस परिणाम ने स्थानीय प्रशासन एवं बीजिंग स्थित अधिकारियों […]
हांगकांग की मुख्य कार्यकारी अधिकारी केरी लैम ने कहा है कि जनता की राय को विनम्रतापूर्वक और गंभीरता से लिया जायेगा. लोकतंत्र समर्थक उम्मीदवारों ने 18 जिला परिषद् में से 17 में जीत का परचम लहराया है. चुनाव स्थानीय जरूर था, पर उसका असर विश्वव्यापी होगा. इस परिणाम ने स्थानीय प्रशासन एवं बीजिंग स्थित अधिकारियों को चिंतित कर दिया है. साल 2015 में जहां मतदान फीसद 40 से कम था, वह इस बार 71 प्रतिशत को पार कर गया. हांगकांग में पिछले छह महीने से लोग उस विवादास्पद प्रत्यर्पण बिल के खिलाफ सड़कों पर हैं.
वैसे अंग्रेजों के साथ किये गये समझौते के तहत साल 2047 तक एक देश दो नीति चीन को लागू करना पड़ेगा. क्या तब तक चीनी अधिनायकवादियों से सब्र हो पायेगा? क्या तियानमेन वाले नरसंहार को दोहराने से चीनी सरकार खुद को रोक पायेगी? आगामी वर्षों में चीन की शासन व्यवस्था साम्यवाद से बदलकर लोकतांत्रिक हो जाये, वरना हांगकांग वासियों का भगवान ही मालिक है.
जंग बहादुर सिंह, जमशेदपुर, झारखंड
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