भूटान से सीखने की जरूरत
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :20 Aug 2019 8:05 AM (IST)
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दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में से भारत के पांच शहर शामिल हैं. दूसरी तरफ भूटान एक छोटा देश है, जो प्रदूषण मुक्त है. न केवल यहां की सरकारी नीति बल्कि यहां के नागरिक भी पर्यावरण संरक्षण को अपना मौलिक कर्तव्य समझते हैं. मालूम हो कि भूटान ने वर्ष 2015 में मात्र एक घंटे में […]
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दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में से भारत के पांच शहर शामिल हैं. दूसरी तरफ भूटान एक छोटा देश है, जो प्रदूषण मुक्त है. न केवल यहां की सरकारी नीति बल्कि यहां के नागरिक भी पर्यावरण संरक्षण को अपना मौलिक कर्तव्य समझते हैं.
मालूम हो कि भूटान ने वर्ष 2015 में मात्र एक घंटे में 50,000 पौधा रोपण कर विश्व रिकार्ड बनाया था. वर्ष 1999 से ही प्लास्टिक प्रतिबंधित है. भूटान में 60 प्रतिशत भाग जंगल का होना अनिवार्य है. पर्यावरण से इतर भूटान अपने जीडीपी को राष्ट्र की खुशी से मापता है, न कि सकल घरेलुू उत्पाद से. पर्यावरण संरक्षण के लिए भूटान जैसे छोटे व गरीब देश से हमें सीखने की जरूरत है.
दीपक कुमार दास, इमेल से
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