पांच पूंछों वाला चूहा
Author Prabhat khabar digital desk
Updated:
विज्ञापन

संतोष उत्सुक वरिष्ठ व्यंग्यकार [email protected] आप सबने पांच पूंछों वाले चूहे के बारे में न कभी सुना होगा न पढ़ा होगा. मेरी पत्नी एक ऐसा चूहा खरीद लायी हैं, जिसका रंग राजनीतिक सफेद और पूंछें पांच हैं. चार पूंछ पढ़ी-लिखी और एक अनपढ़ की तरह कोरी है. पहली पूंछ पर अंकित है, इंडोनेशिया में पैदा […]
विज्ञापन
संतोष उत्सुक
वरिष्ठ व्यंग्यकार
आप सबने पांच पूंछों वाले चूहे के बारे में न कभी सुना होगा न पढ़ा होगा. मेरी पत्नी एक ऐसा चूहा खरीद लायी हैं, जिसका रंग राजनीतिक सफेद और पूंछें पांच हैं. चार पूंछ पढ़ी-लिखी और एक अनपढ़ की तरह कोरी है.
पहली पूंछ पर अंकित है, इंडोनेशिया में पैदा किया गया चूहा चौदह सेमी यानी साढ़े पांच इंच लंबा है. इसकी डिजाइन व क्वाॅलिटी स्वीडन की प्रसिद्ध व्यापारिक चेन की है, जिसकी दुकानें दुनियाभर में खुल रही हैं. कई तरह के नंबर व मार्क अंकित हैं. यह चूहा उत्कृष्ट भाग्य का मालिक है, जिसके बारे में समझाया गया है कि इसे मशीन में धो सकते हैं. इसे ब्लीच न करें, टंबल ड्राइंग व प्रेस न करें, ड्राइक्लीन न करें. इसे रखने का निम्नतम तापमान भी लिखा है. निर्देशों के अंत में आॅस्ट्रेलिया भी लिखा है.
क्या इंसान के लिए इतने सुझाव हो सकते हैं हमारे यहां? यहां तो कुदरत की नायाब रचना के साथ जी भर कर घृणित सुलूक के प्रावधान हैं. नकली चूहा बेहतर है. दूसरी पूंछ पर नौ भाषाओं में बताया गया है कि सौ प्रतिशत पोलिस्टर से निर्मित इसमें पोलिस्टर फाइबर भरा है. तीसरी पूंछ पर फिर बड़ी दुकान का नाम है और विदेशी भाषा में वर्णन अंकित हैं, फिर लिखा है इसकी इंपोर्टर हांगकांग स्थित कंपनी है. चौथी पूंछ पर कई भाषाओं में सूचना के साथ देशों के नाम हैं.
न्यू इंडिया के लिए अंग्रेजी में, भारत में स्थित उसी कंपनी का नाम है. लिखा है कि चूहे की संख्या एक है और यह अमुक दिनांक को पैदा हुआ. इंसान को याद नहीं रहता कब पैदा हुआ और कितनी कीमत है उसकी. एक नकली चूहे की पूंछों पर ही कितने देशों के नाम छपे हुए हैं. कस्टमर केयर के लिए ईमेल व कई फोन नंबर भी दर्ज हैं.
यहां तो इंसानियत संबंधी नंबर खराब ही रहते हैं. एक कंपनी कई देशों में दुकानें खोल ले, तो टैक्स की बचत होती होगी. यहां आधार कार्ड ही आम इंसान की पूंछ है, उसका बाकी परिचय इस चूहे से बेहतर नहीं है.
चूहे की तुलना इंसान से नहीं हो सकती, क्योंकि इंसान के बारे में ज्यादा सूचनाएं उपलब्ध नहीं होती. वैसे कितने ही देशों में, खास तौर से हमारे ‘मित्र’ देश चीन में ही चूहे के अनेक व्यंजन पकाये-खाये जाते हैं. भारत में भगवान गणेश के वाहक चूहे को लड्डुओं का भोग लगाया जाता है. एक प्रसिद्ध मंदिर में सैंकड़ों-हजारों चूहों के बीच माथा टेका जाता है.
चुनाव का मौसम आते ही नेता सब भी वोटरों के सामने इसी तरह से घूमने लगते हैं, लेकिन जीत के बाद वे सब जनता को चूहा बना देना चाहते हैं. इंसान से पहले चूहों पर अनेक प्रयोग करनेवाली व्यवस्था ने आम इंसान को चूहे से बदतर बना दिया है, जिसे अब हमेशा अपने बिल में रहने की हिदायत दी जाती है.
मेरी पत्नी ने समझाया कि चूहे की मूल पूंछ छोड़कर बाकी सही तरीके से काट कर, उसे उनकी फोटो के पास रख दें. बाकी पूंछें काट कर, खाली पूंछ पर अपना नाम लिखकर मैंने उनकी बतायी गयी जगह पर रख दिया.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










