नौकरशाह और लोकसेवक में फर्क को समझें
Updated at : 19 Nov 2018 4:43 AM (IST)
विज्ञापन

भारत में अब भी उच्च प्रशासनिक अधिकारियों के लिए ‘नौकरशाह’ शब्द का इस्तेमाल होता है, परंतु इसके इस्तेमाल में हम यह भूल जाते हैं कि इस शब्द की वास्तविकता क्या है? यह शब्द शाह के नौकर के लिए इस्तेमाल होता था, अर्थात वह वर्ग जो राजतंत्र के दौरान राजा की इच्छाओं को प्रजा पर आरोपित […]
विज्ञापन
भारत में अब भी उच्च प्रशासनिक अधिकारियों के लिए ‘नौकरशाह’ शब्द का इस्तेमाल होता है, परंतु इसके इस्तेमाल में हम यह भूल जाते हैं कि इस शब्द की वास्तविकता क्या है?
यह शब्द शाह के नौकर के लिए इस्तेमाल होता था, अर्थात वह वर्ग जो राजतंत्र के दौरान राजा की इच्छाओं को प्रजा पर आरोपित करता था. यह एक आभिजात वर्ग होता था और इनकी मानिसकता भी अभिजात होती थी. अंग्रेजों द्वारा शुरू की गयी सिविल सेवा परीक्षा ऐसे ही वर्ग को तैयार करने के लिए की गयी थी, ताकि गरीब भारतीयों का सुगमतापूर्वक शोषण हो सके. जरूरत है कि इसमें परिवर्तन हो और प्रमुख रूप से लोकसेवा की विचारधारा और मूल्यों में परिवर्तन की आवश्यकता है. इसे नियामिकीय से कल्याणकारी, लोकमालिक से लोकसेवक, संवेदनहीन से संवेदनशील, निरंकुश से जावाबदेह और अभिजात्यता से दूर ले जाना होगा.
राजदेव रंजन, ई-मेल से
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




