संपूर्ण विद्युतीकृत जिला के मायने

Updated at : 05 Nov 2018 6:26 AM (IST)
विज्ञापन
संपूर्ण  विद्युतीकृत जिला के मायने

गत शुक्रवार को सांसद पशुपतिनाथ सिंह ने धनबाद को संपूर्ण विद्युतीकृत जिला घोषित किया. निश्चित रूप से यह एक उपलब्धि है, लेकिन जिले में नियमित विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था कब होगी, यह एक कड़वा प्रश्न चिह्न है. राज्य में सीटीपीएस के रूप में इतने बड़े विद्युत उत्पादन केंद्र के होते हुए भी जनता बिजली की […]

विज्ञापन
गत शुक्रवार को सांसद पशुपतिनाथ सिंह ने धनबाद को संपूर्ण विद्युतीकृत जिला घोषित किया. निश्चित रूप से यह एक उपलब्धि है, लेकिन जिले में नियमित विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था कब होगी, यह एक कड़वा प्रश्न चिह्न है. राज्य में सीटीपीएस के रूप में इतने बड़े विद्युत उत्पादन केंद्र के होते हुए भी जनता बिजली की समस्या से कराह रही है.
सर्दी हो, गर्मी हो या बरसात, हर समय बिजली की स्थिति दयनीय रहती है. विद्यार्थी, किसान, मजदूर, सभी वर्ग के लोग बिजली के बिल भुगतान करने के बावजूद इस भयंकर समस्या से निजात नहीं पा रहे हैं. बिजली की स्थिति सुधरने की बजाय बदतर होती जा रही है.
इस दिशा में जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता बेहद दुखद और चिंताजनक है. गांव-गांव बिजली पहुंचाना जरूरी है, लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी है नियमित विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था, अन्यथा संपूर्ण विद्युतीकृत जिला होने का कोई मायने नहीं.
अनित कुमार राय टिंकू, बाघमारा, धनबाद
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola