झारखंड का विद्युत संकट

Updated at : 01 Oct 2018 5:11 AM (IST)
विज्ञापन
झारखंड का विद्युत संकट

झारखंड की समस्याओं में विद्युत उत्पादन एवं वितरण की समस्या सर्वाधिक कष्टकारक है. आज जहां प्रधानमंत्री ने झारखंड की सरजमीं पर आकर गरीबों एवं असहाय वर्ग के स्वास्थ्य की चिंता को कम कर दिया -आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से, वहीं झारखंड में एक महीने से बिजली का दर्शन दुर्लभ हो गया है. नगरों, छोटे […]

विज्ञापन
झारखंड की समस्याओं में विद्युत उत्पादन एवं वितरण की समस्या सर्वाधिक कष्टकारक है. आज जहां प्रधानमंत्री ने झारखंड की सरजमीं पर आकर गरीबों एवं असहाय वर्ग के स्वास्थ्य की चिंता को कम कर दिया -आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से, वहीं झारखंड में एक महीने से बिजली का दर्शन दुर्लभ हो गया है.
नगरों, छोटे कस्बों, गांवों की सड़कें शाम के सात बजे ही वीरान हो जाती हैं. बिजली की इस मार ने व्यवसायियों का बुरा हाल कर दिया है. देश के नौनिहाल मोमबत्ती की रोशनी के तले आ गये हैं.
झारखंड सरकार कभी शिक्षकों को वेतन देने में असमर्थ हो जाती है, तो कभी डीवीसी के बिजली बकाये को चुकाने में. माननीय मुख्यमंत्री भी सिर्फ ‘हवाई किले ‘ बनाने में व्यस्त हैं. 21 वीं सदी में अगर हम बिजली की समस्या से जूझेंगे, तो फिर बुलेट ट्रेन का सपना दिखाना शायद एक सपना ही होगा.
देवेश कुमार ‘ देव’, इसरी बाजार, गिरिडीह
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola