माता-पिता से कुछ सीखें और उनका आदर करें
Updated at : 13 Jul 2018 7:38 AM (IST)
विज्ञापन

आज कल के मॉडन जमाने में सभी लोग इतना फैशन में रहने लगे हैं कि अपने माता-पिता का मतलब ही नहीं समझ रहे हैं. जिन माता-पिता ने हमें जन्म दिया, पालन-पोषण किया, चलना-फिरना एवं पढ़ना-लिखना सिखाया, हमें बहुत परिश्रम से बड़ा किया और हम जब बड़े होते हैं, तो उन पर तानाशाही चलाते हैं. यहां […]
विज्ञापन
आज कल के मॉडन जमाने में सभी लोग इतना फैशन में रहने लगे हैं कि अपने माता-पिता का मतलब ही नहीं समझ रहे हैं. जिन माता-पिता ने हमें जन्म दिया, पालन-पोषण किया, चलना-फिरना एवं पढ़ना-लिखना सिखाया, हमें बहुत परिश्रम से बड़ा किया और हम जब बड़े होते हैं, तो उन पर तानाशाही चलाते हैं.
यहां तक कि कोई-कोई अपने माता-पिता को वृद्ध आश्रम में छोड़ देता है और उसे तनिक भी दया नहीं आती है. ऐसा हमें बिल्कुल नहीं करना चाहिए. अपने माता-पिता से कुछ ज्ञान लेना चाहिए,उनका आदर करना चाहिए.
आदित्य कुमार प्रसाद, बगौरा, पुरानी बाजार (सीवान)
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




