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  • Feb 1 2018 8:20AM
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सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली ग्रुप से एक हफ्ते मे मांगा डिटेल प्लान, 42,000 खरीदारों को कब तक व कैसे देगी पजेशन

सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली ग्रुप से एक हफ्ते मे मांगा डिटेल प्लान,  42,000 खरीदारों को कब तक व कैसे देगी पजेशन

नयी दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने संकट ग्रस्त रियल स्टेट कंपनी आम्रपाली को पेंडिंग प्रोजेक्ट्स पूरा करने की व्यापक योजना सात दिन में सौंपने को कहा है. कंपनी को बताना होगा कि वह प्रोजेक्ट्स को कैसे पूरा करेगी. कोर्ट ने कहा कि वह फ्लैट खरीदारों को लेकर चिंतित है जिन्होंने पूरे जीवन की जमा-पूंजी लगा दी है. उनके पैसे का कहीं और इस्तेमाल नहीं होना चाहिए.

 

जस्टिस अरूण मिश्र और अमिताभ राय की पीठ ने कहा, ‘ग्रुप को फ्लैट खरीदारों को धन वापस लेने के लिए कहने से बचना चाहिए. ऐसा केवल उन्हीं मामलों में कहा जाना चाहिए जहां प्रोजेक्ट व्यवहारिक नहीं हैं. कोर्ट ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरणों, ऋणदाताओं की समिति, अंतरिम समाधान पेशेवर और अन्य पक्षों से कंपनी के जवाब पर 10 दिन के भीतर बातें रखने को कहा.अगली सुनवाई 21 फरवरी को होगी.

 

इससे पहले, फ्लैट खरीदारों की तरफ से पैरवी कर रहे अधिवक्ता एम एल लाहोटी ने कहा कि यह आम्रपाली की विभिन्न परियोजनाओं से संबद्ध 42,000 फ्लैट मालिकों से जुड़ा मामला है जो पैसा मांग रहे हैं. कोर्ट को जेपी की तरह फ्लैट खरीदारों को नाम पोर्टल पर दर्ज करने का निर्देश देना चाहिए. फिलहाल कंपनी की सिलिकन सिटी परियोजना से जुड़े को ही पंजीकरण की अनुमति है.

 

आम्रपाली बिल्डर के आठ निदेशकों पर केस 

नोएडा. आम्रपाली बिल्डर के आठ निदेशकों के खिलाफ याशिका डायमंड सेक्टर 67 के मालिक विनय गर्ग ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है. थाना सेक्टर-49 के प्रभारी निरीक्षक पंकज पंत ने बताया कि गर्ग ने रिपोर्ट दर्ज करायी है कि आम्रपाली बिल्डर के मालिक अनिल शर्मा ,मोहित गुप्ता, श्रीमती शिवप्रिया, ऋतिक, मुकुल ,सुभाष, अखिल सुरेखा व भुवन चंद ने उन्हें इंदिरापुरम के वैभव खंड में कॉमर्शियल प्रॉपर्टी 2.57 करोड़ में वर्ष 2015 में बेची थी. बताया था इससे लाखों का किराया हर महीने आता है. जो प्रॉपर्टी गर्ग को बेची उसे बैंक ऑफ महाराष्ट्र को किराये पर दिया है. बाद में पता चला कि जिस प्रॉपर्टी को उन्हें बेचा गया है उस पर उन लोगों ने कई बैंकों से लोन ले रखे हैं.

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