Zakir Hussain Died : जाकिर हुसैन का निधन, पहली बार मिला था 5 रुपये मेहनताना, पद्म पुरस्कार समेत ग्रैमी अवॉर्ड से भी हुए थे सम्मानित

Published by : Pritish Sahay Updated At : 16 Dec 2024 7:17 AM

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Zakir Hussain

Zakir Hussain Died: जाकिर हुसैन का निधन हो गया है. उनको केवल 37 साल की उम्र में 1988 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था. उसके बाद 2002 में संगीत के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें पद्म भूषण का पुरस्कार दिया गया था. 22 मार्च 2023 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया था.

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Zakir Hussain Died : महान तबला वादक जाकिर हुसैन का निधन हो गया है. उनके परिवार ने निधन की खबर दी है. हुसैन अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को के एक अस्पताल में भर्ती थे. उन्हें आईसीयू में रखा गया था.

12 साल की उम्र में 5 रुपये मिला था मेहनताना

जाकिर हुसैन को तबला बजाने की कला विरासत में मिली है. तबला से लगाव होने के कारण वो बचपन से ही अच्छा तबला बजाने लगे थे. बताया जाता है कि 12 साल की उम्र में जाकिर हुसैन अपने पिता के साथ एक कार्यक्रम में गए थे. उस कार्यक्रम में पंडित रविशंकर और बिस्मिल्लाह खान समेत कई और संगीत के हस्तयां मौजूद थी. अपने पिता के साथ जाकिर हुसैन ने भी अपना परफॉर्मेंस दिया था. उनकी कला से सभी लोग बहुत प्रभावित हुए थे. कार्यक्रम की समाप्ती पर उन्हें 5 रुपये मिले थे. एक इंटरव्यू में जाकिर हुसैन ने बताया था कि उनकी जिंदगी में वो 5 रुपये सबसे ज्यादा कीमती थे.

जाकिर हुसैन को मिल चुके हैं कई सम्मान

जाकिर हुसैन को केवल 37 साल की उम्र में 1988 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था. उसके बाद 2002 में संगीत के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें पद्म भूषण का पुरस्कार दिया गया. 22 मार्च 2023 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया था. जाकिर हुसैन को 1992 और 2009 में संगीत का सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार ग्रैमी अवार्ड से सम्मानित किया गया था.

कब-कब मिला सम्मान

  • 1988 में पद्मश्री
  • 2002 में पद्म भूषण
  • 2023 में पद्म विभूषण
  • 1992 में ग्रैमी अवार्ड
  • 2009 में ग्रैमी अवार्ड

पिता से मिली थी तबला बजाने की प्रेरणा

जाकिर हुसैन को तबला बजाने की प्रेरणा उनके पिता से मिली थी. उनके पिता अल्लाह रक्खा भी बहुत बड़े तबला वादक थे. उनकी प्रारंभिक शिक्षा मुंबई में ही हुई थी. महज 12 साल की उम्र में हुसैन साहब ने संगीत की दुनिया में अपने तबले की आवाज को बिखेरना शुरू कर दिया था. नन्ही उंगलियों को से तबले की धुन को सुनकर अक्सर लोगों को यकीन नहीं होता था कि इतनी छोटी उम्र का बच्चा इतना बेहतरीन धुन बजा सकता है.

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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