World Teachers Day: दुनिया के ऐसे 140 देश जिनकी कुल आबादी से अधिक हैं भारत में शिक्षक

AI तस्वीर
World Teachers Day: आज दुनिया भर में शिक्षक दिवस मनाया जा रहा है. हालांकि भारत में हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है. सबसे पहले विश्व शिक्षक दिवस 1994 में मनाया गया था. शिक्षकों की संख्या के मामले में भारत दुनिया में सबसे आगे है. यह जानकर हैरानी होगी कि दुनिया के कई देश हैं, जिनकी कुल आबादी से भी अधिक भारत में शिक्षकों की संख्या है.
World Teachers Day: भारत में शिक्षकों की संख्या 2024-25 में बढ़कर एक करोड़ के पार पहुंच चुकी है. यूनिफाइड डिस्टि्रक्ट इंफोर्मेशन सिस्टम फार एजुकेशन (यूडीआइएसई) प्लस की रिपोर्ट के अनुसार भारत में शिक्षकों की कुल संख्या 1.01 करोड़ है. जबकि देश में कुल छात्रों की संख्या 24.69 करोड़ है. देश में कुल 14.71 लाख स्कूल हैं. जिसमें 10.13 लाख सरकारी स्कूल हैं. शिक्षकों और छात्रों की संख्या में सुधार होने के बावजूद देश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना बड़ी चुनौती बन गई है. अब भी देश के कई स्कूल ऐसे हैं जहां एक शिक्षक कई विषय पढ़ाते मिल जाएंगे.
दुनिया के 140 ऐसे देश जिनकी कुल आबादी से अधिक है भारत में शिक्षकों की संख्या
भारत में पहली बार शिक्षकों की संख्या 1 करोड़ के पार पहुंची है. आंकड़े को देखकर काफी राहत मिलती है. लेकिन एक और आंकड़ा है, जो काफी हैरान कर देने वाली है. दुनिया के ऐसे 140 देश हैं, जिनकी आबादी भारत में शिक्षकों की संख्या के बराबर भी नहीं हैं.
जिन देशों की कुल आबादी एक करोड़ से भी कम हैं
ग्रीस – 9,938,840
टोगो- 9,721,610
हंगरी – 9,632,290
इजराइल – 9517180
ऑस्ट्रिया – 9,113,570
बेलोरूस – 8,997,600
स्विट्जरलैंड – 8,967,410
सेरा लिओन – 8,819,790
लाओस – 7,873,050
तुर्कमेनिस्तान – 7,618,850
लीबिया – 7,458,560
हांगकांग – 7,396,080
किर्गिजस्तान – 7,295,030
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लेखक के बारे में
By अरबिंद कुमार मिश्रा
अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.
झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.
करियर का सफरनामा
अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग
खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:
34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.
पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.
पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.
शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)
UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.
बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.
एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.
लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.
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