महिला आरक्षण मुद्दे पर एकजुटता की कोशिश, पीएम मोदी ने सदन के नेताओं से कही ये बात

Published by :Amitabh Kumar
Updated at :12 Apr 2026 11:09 AM
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PM Modi on Women Reservation Act

पीएम मोदी (Photo: PTI)

Women Reservation Act : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के विशेष सत्र को लेकर पत्र लिखा है. इसमें 16 अप्रैल से ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर चर्चा करने की बात कही गई है, ताकि इस मुद्दे पर विस्तार से विचार किया जा सके. नीचे पढ़ें उन्होंने क्या कहा.

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Women Reservation Act : प्रधानमंत्री ने संसद के विशेष सत्र से पहले लोकसभा और राज्यसभा के सदन के नेताओं से कहा कि महिला आरक्षण अधिनियम को सही मायने में लागू करने का समय आ गया है. संसद में 16 अप्रैल से महिला आरक्षण अधिनियम से संबंधित एक ऐतिहासिक चर्चा होने जा रही है.

पीएम मोदी ने कहा कि कोई भी समाज तभी विकास करता है जब महिलाओं को प्रगति करने, निर्णय लेने और सबसे महत्वपूर्ण बात- नेतृत्व करने का अवसर मिले. भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के सपने को साकार करने की यात्रा में महिलाओं की अधिक सक्रिय भूमिका आवश्यक है.

महिलाओं के लिए आरक्षण के साथ कराए जाएं 2029 के चुनाव

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह अनिवार्य है कि 2029 के लोकसभा और विधानसभा चुनाव महिलाओं के लिए आरक्षण के साथ कराए जाएं. मैं यह पत्र इसलिए लिख रहा हूं ताकि हम सभी एकजुट होकर महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन पारित करा सकें.

महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान

संसद के बजट सत्र की अवधि बढ़ा दी गई है. सदन का एक विशेष तीन दिवसीय सत्र 16 से 18 अप्रैल तक बुलाया गया है. महिला आरक्षण अधिनियम से लोकसभा में सीट की संख्या बढ़कर 816 हो जाएगी जिनमें से 273 सीट महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी. लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान 2023 में संविधान में संशोधन करके लाया गया था.

यह भी पढ़ें : खरगे का आरोप: महिला आरक्षण कानून पर सरकार जल्दबाजी में, चुनावी फायदा लेने की कोशिश

हालांकि महिला आरक्षण 2027 की जनगणना के आधार पर परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लागू हो पाता. इसका मतलब यह था कि यदि वर्तमान कानून यथावत रहता है तो आरक्षण 2034 से पहले लागू नहीं हो पाता. इसे 2029 के लोकसभा चुनाव से लागू करने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम में बदलाव की आवश्यकता थी. इसलिए सरकार कानून में संशोधन पारित करने के लिए एक विशेष सत्र आयोजित कर रही है.

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By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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