खरगे का आरोप: महिला आरक्षण कानून पर सरकार जल्दबाजी में, चुनावी फायदा लेने की कोशिश

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 12 Apr 2026 9:36 AM

विज्ञापन

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Photo: PTI)

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा है कि महिलाओं के आरक्षण कानून को लागू करने में सरकार जल्दबाजी कर रही है. इसका मकसद राजनीतिक फायदा लेना है. नीचे पढ़ें पत्र में खरगे ने और क्या लिखा.

विज्ञापन

प्रधानमंत्री मोदी को लिखे पत्र में मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि संसद का विशेष सत्र हमें विश्वास में लिए बिना बुलाया गया है. आपकी सरकार परिसीमन को महिला आरक्षण कानून से जोड़ने के संबंध में कोई भी विवरण दिए बिना हमारा सहयोग मांग रही है. परिसीमन और अन्य पहलुओं का विवरण दिए बिना महिला आरक्षण कानून पर कोई सार्थक चर्चा करना संभव नहीं होगा.

खरगे ने आगे लिखा कि राज्य चुनावों के बीच संसद सत्र बुलाने से ये धारणा और मजबूत होती है कि सरकार महिला आरक्षण कानून को जल्दबाजी में लागू कर राजनीतिक फायदा लेना चाहती है. उन्होंने कहा कि इस संवैधानिक बदलाव का असर केंद्र और राज्यों दोनों पर पड़ेगा. इसलिए लोकतंत्र में सभी दलों और राज्यों की राय को अहमियत मिलनी चाहिए.

29 अप्रैल के बाद एक सर्वदलीय बैठक बुलायी जाए

प्रधानमंत्री मोदी को लिखे पत्र में खरगे ने इस मांग को दोहराया कि परिसीमन मुद्दे पर चर्चा करने के लिए 29 अप्रैल के बाद एक सर्वदलीय बैठक बुलायी जाए. इस परिसीमन को नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 में संशोधनों से जोड़ा जा रहा है. खरगे का यह पत्र प्रधानमंत्री के उस पत्र के जवाब में आया है जिसमें उन्होंने 16 अप्रैल से नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा के लिए संसद के विशेष सत्र का उल्लेख किया था.

यह भी पढ़ें : शशि थरूर ने कहा- महिला आरक्षण कानून में संशोधन को राजनीतिक हथियार के तौर इस्तेमाल ना किया जाए

नारी शक्ति वंदन अधिनियम कब हुआ था पारित?

राज्यसभा में विपक्ष के नेता ने मोदी को शनिवार (11 अप्रैल) को लिखे पत्र में कहा कि मुझे अभी-अभी 16 अप्रैल से नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा के लिए संसद के विशेष सत्र के संबंध में आपका पत्र प्राप्त हुआ है. खरगे ने कहा कि जैसा कि आप जानते हैं कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 को संसद ने सितंबर 2023 में सर्वसम्मति से पारित किया था. उस समय कांग्रेस की ओर से मैंने मांग की थी कि यह महत्वपूर्ण कानून तत्काल प्रभाव से लागू होना चाहिए.

विज्ञापन
Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola