Javed Mattoo: कौन है 10 लाख का इनामी आतंकवादी जावेद मट्टू, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दबोचा

Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 04 Jan 2024 9:01 PM

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सुरक्षा एजेंसियों के टॉप 10 आतंकवादियों की सूची में जावेद मट्टू भी शामिल था. उस पर जम्मू-कश्मीर में कई आतंकवादी गतिविधियों को संचालित करने का आरोप था. जावेद मट्टू वह 2010 से जम्मू-कश्मीर में सक्रिय है. कथित तौर पर वह कई बार पाकिस्तान गया था.

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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हिज्बुल मुजाहिदीन के एक आतंकवादी को गुरुवार को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आतंकवादी का नाम जावेद अहमद मट्टू है. पुलिस ने मट्टू को पिस्तौल, मैगजीन और चोरी की कार के साथ गिरफ्तार किया.

जावेद अहमद मट्टू के ऊपर थी 10 लाख रुपये की इनाम

जावेद अहमद मट्टू जम्मू-कश्मीर के सोपोर का रहने वाला है. पुलिस को उसकी लंबे समय से तलाश थी. पुलिस ने मट्टू के सिर पर 10 लाख रुपये का इनामा था.

जावेद अहमद मट्टू के बारे में जानें

  • सुरक्षा एजेंसियों के टॉप 10 आतंकवादियों की सूची में जावेद मट्टू भी शामिल था. उस पर जम्मू-कश्मीर में कई आतंकवादी गतिविधियों को संचालित करने का आरोप था.

  • जावेद मट्टू वह 2010 से जम्मू-कश्मीर में सक्रिय है. कथित तौर पर वह कई बार पाकिस्तान गया था.

  • मट्टू 11 ज्ञात आतंकी हमले के मामलों में नामजद आरोपी है, जिसमें जम्मू-कश्मीर में पांच ग्रेनेड हमले और अलग-अलग घटनाओं में कम से कम पांच पुलिस कर्मियों की हत्या शामिल है.

  • मट्टू आतंकवादी संगठनों हिज्बुल मुजाहिदीन और अल बद्र का सदस्य है.

  • मट्टू की अगुवाई में हुए हमलों में दर्जनों पुलिस कर्मी घायल हुए.

  • जम्मू-कश्मीर के सोपोर के निवासी मट्टू के पास से एक भरी हुई पिस्तौल और एक अतिरिक्त मैगजीन जब्त की है. उसे ए प्लस प्लस श्रेणी का आतंकवादी घोषित किया गया था.

  • मट्टू की गतिविधियां 2010 में शुरू हुईं. वह जम्मू-कश्मीर में एक आतंकवादी मॉड्यूल का भी नेतृत्व कर रहा था, जिसमें छह सदस्य थे.

  • मट्टू जम्मू-कश्मीर में बचे खुचे कुछ आतंकवादियों में से एक है. उन्होंने कहा कि मट्टू अपनी पहचान बदलकर सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देता रहा. मट्टू हाल में दिल्ली आया था.

  • सोपोर का रहने वाला अब्दुल माजिद जरगर मट्टू के सहयोगियों में से था. जरगर फिलहाल पाकिस्तान में है और वह सीमा पार तस्करी में शामिल है.

  • मट्टू का एक अन्य सहयोगी तारिक अहमद लोन पाकिस्तान प्रशिक्षित आतंकवादी था. अधिकारी ने बताया कि जब लोन सुरक्षा बलों से घिर गया तो एक पुल से कूद गया जिससे उसकी मौत हो गई.

  • मट्टू का सहयोगी इम्तियाज कुंडू 2016 में पाकिस्तान भाग गया था. अधिकारी ने कहा कि उसका नाम कश्मीर में कई मामलों में सामने आया है.

  • 2010 में मट्टू ने अपने साथियों के साथ मिलकर सोपोर थाने के बाहर हेड कांस्टेबल मोहम्मद यूसुफ की हत्या कर दी थी. मट्टू ने चार अन्य लोगों के साथ 2010 में सोपोर के पुलिस अधीक्षक के आवास पर भी हमला किया था. एससीपी ने कहा कि वे एके-47 से लैस थे और उन्होंने आवास पर ग्रेनेड फेंके थे.

  • 2011 में मट्टू और उसके सहयोगियों ने सोपोर में कांस्टेबल मोहम्मद शफी लोन की हत्या कर दी और सोपोर थाने के बाहर एक आईईडी विस्फोट किया, जिससे एक अन्य पुलिस अधिकारी की मौत हो गई. मट्टू ने 2011 में थाने पर ग्रेनेड हमला भी किया था.

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मट्टू के भाई रईस मट्टू का वीडियो हुआ था वायरल, हिंसा छोड़ने की अपील की थी

पिछले साल स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले सोशल मीडिया पर पकड़े गए आतंकवादी जावेद अहमद मट्टू के भाई रईस मट्टू का वीडियो तेजी से वायरल हुआ था. रईस को जम्मू-कश्मीर के सोपोर में तिरंगा लहराते हुए देखा गया था. किराने की दुकान चलाने वाले रईस ने भारतीय होने पर गर्व जताया था. उस वीडियो में रईस ने आतंकवादी गतिविधियों में अपने भाई की संलिप्तता से खुद को दूर रखा था. रईस ने वीडियो में अपने भाई जावेद से हिंसा छोड़ने की अपील की थी.

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लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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