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क्या होता है मौसम विभाग का ऑरेंज अलर्ट? पहाड़ी राज्यों के लिए क्या हैं इसके मायने

मौसम विभाग की ओर से जारी किये जाने वाले हर अलर्ट का खास मतलब होता है. दरअसल, ये अलर्ट प्रशासन को सतर्क करने के लिए जारी किया जाता है, ताकि वे किसी भी विषम परिस्थिति से निबटने के लिए तैयार रहें. रेड अलर्ट सबसे खतरनाक अलर्ट होता है. ऑरेंज अलर्ट का अर्थ है मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है.

By Prabhat khabar Digital
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मूसलाधार बारिश के बाद पहाड़ी राज्यों में रहता है भू-स्खलन का खतरा
मूसलाधार बारिश के बाद पहाड़ी राज्यों में रहता है भू-स्खलन का खतरा
file photo

What is Orange Alert: बरसात के सीजन में मौसम विभाग अलग-अलग अलर्ट जारी करता है. कभी रेड अलर्ट जारी किया जाता है, तो कभी ऑरेंज अलर्ट. ग्रीन अलर्ट और येलो अलर्ट भी जारी किये जाते हैं. आखिर क्या होता है इन अलर्ट्स का मतलब. क्यों जारी किये जाते हैं ये अलर्ट? पहाड़ी राज्यों के लिए क्या हैं इसके मायने.

ऑरेंज अलर्ट : मूसलाधार बारिश की आशंका

मौसम विभाग की ओर से जारी किये जाने वाले हर अलर्ट का खास मतलब होता है. दरअसल, ये अलर्ट प्रशासन को सतर्क करने के लिए जारी किया जाता है, ताकि वे किसी भी विषम परिस्थिति से निबटने के लिए तैयार रहें. रेड अलर्ट सबसे खतरनाक अलर्ट होता है. ऑरेंज अलर्ट का अर्थ है मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है. इसका मतलब है कि 24 घंटे के भीतर 60 मिलीमीटर से 200 मिलीमीटर तक वर्षा हो सकती है.

पहाड़ी राज्यों के लिए बड़े खतरे का अलर्ट है ऑरेंज अलर्ट

पहाड़ी राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट बड़े खतरे का संकेत होता है. प्रशासन को पूरी तरह से अलर्ट मोड में रहने के लिए कहा जाता है. पहाड़ी राज्यों में मूसलाधार बारिश के बाद भू-स्खलन का खतरा बढ़ जाता है. कई बार पहाड़ दरकने लगते हैं. इसकी वजह से पहाड़ के नीचे से गुजरने वाली सड़कों से जा रहे लोगों की जान मुश्किल में आ जाती है.

ऑरेंज अलर्ट जारी होते ही चार धाम यात्रा रोकी गयी

इसलिए पहले ही मौसम विभाग बारिश की तीव्रता के अनुरूप अलर्ट जारी करता है. यही वजह है कि उत्तराखंड में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी होते ही, चारधाम यात्रा को रोक देना पड़ा. किसी भी श्रद्धालु को बाबा केदारनाथ के मंदिर की ओर जाने से मना किया गया है. लोगों से कहा गया है कि वे किसी भी सूरत में यात्रा के लिए न निकलें.

बहुत भारी बारिश के लिए जारी होता है रेड अलर्ट

बता दें कि बहुत भारी बारिश की चेतावनी के लिए रेड अलर्ट जारी किया जाता है, जबकि मूसलाधार बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया जाता है. इसका मतलब हुआ कि मूसलाधार बारिश के बाद बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है. इसलिए प्रशासन मुस्तैद रहे, क्योंकि उनके इलाके में स्थिति गंभीर हो सकती है. जान-माल का नुकसान हो सकता है. ग्रीन और येलो अलर्ट सामान्य स्थिति के लिए है. इसमें विशेष सावधानी की जरूरत नहीं होती.

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