Weather Forecast: अगस्त सितंबर में जमकर बरसेंगे बदरा, ला नीना का दिखेगा असर, सामान्य से ज्यादा बारिश का अनुमान

Edited by Pritish Sahay
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Weather Forecast | PTI

Weather Forecast: भारत में अगस्त और सितंबर में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना जताई है. आईएमडी ने पूर्वानुमान जाहिर करते हुए कहा है ला नीना के सक्रिय होने से इन दोनों महीने देश के कई हिस्सों में जोरदार बारिश की संभावना है.

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Weather Forecast: जुलाई महीने में देश के कई हिस्सों में जोरदार बारिश हुई तो कई राज्यों से बारिश लगभग नदारद रही. दिल्ली, यूपी, बिहार समेत कुछ और राज्यों में जुलाई के महीनों में कम बारिश देखने को मिली. दिल्ली में जुलाई के महीने में बीते साल की तुलना में करीब 82 फीसदी कम बारिश हुई. आईएमडी के एक आंकड़े के मुताबिक दिल्ली में एक से 30 जुलाई के बीच 203 मिमी बारिश दर्ज की गई. जबकि पिछले साल इस अवधि में दिल्ली में 384 मिमी बारिश दर्ज की गई थी. हालांकि मौसम विभाग ने कहा है कि अगस्त महीने में देश के कई हिस्सों में सामान्य से काफी ज्यादा बारिश होगी.

अल-नीना के लिए अनुकूल परिस्थितियां
मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि अगस्त और सितंबर में देश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश होगी. सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना मौसम विभाग ने जताई है. विभाग ने कहा है कि अगस्त के अंत तक ला-नीना की अनुकूल स्थितियां देखने को मिल सकती हैं. आईएमडी के मुताबिक देश में अगस्त और सितंबर के दौरान 422.8 मिमी की दीर्घावधि औसत का 106 फीसदी तक बारिश हो सकती है.

जून की तुलना में जुलाई में हुई अधिक बारिश
मौसम विभाग ने बताया कि देश में एक जून से अब तक 453.8 मिमी बारिश हुई है. जबकि सामान्य बारिश 445.8 मिमी होती है. यह सामान्य बारिश से दो प्रतिशत अधिक है क्योंकि जून में सूखा रहने के बाद जुलाई में सामान्य से अधिक बारिश हुई. आईएमडी के प्रमुख मृत्युंजय महापात्रा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये मीडिया से बात करते हुए कहा कि देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश होने का अनुमान है.

कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश
आईएमडी प्रमुख ने बताया कि पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्से, पूर्वी भारत से सटे हिस्से, लद्दाख, सौराष्ट्र और कच्छ समेत मध्य और प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है. इसके अलावा आईएमडी प्रमुख ने अगस्त-सितंबर में पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में कम बारिश होने का अनुमान जताया है. महापात्र ने कहा, “गंगा के मैदानी इलाकों, मध्य भारत और भारत के दक्षिण-पूर्वी तट के कुछ इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से कम रहने का अनुमान है. देश में जुलाई में सामान्य से नौ फीसदी अधिक बारिश हुई, जबकि मध्य क्षेत्र में 33 फीसदी अधिक बारिश हुई. भाषा इनपुट से साभार

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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