Ukraine Russia War: पूर्व सेना प्रमुख एनसी विज बोलें, यूक्रेन में फंसे भारतीय बम शेल्टरों में लें शरण

Kharkiv : ADDS THAT THE PERSONNEL CARRIER IS RUSSIAN - A Russian armored personnel carrier burns amid damaged and abandoned light utility vehicles after fighting in Kharkiv, Ukraine, Sunday, Feb. 27, 2022. The city authorities said that Ukrainian forces engaged in fighting with Russian troops that entered the country's second-largest city on Sunday. AP/PTI(AP02_28_2022_000013A)
रूसी हमले के बाद यूक्रेन के शहरों में फंसे भारतीय नागरिकों और छात्रों को वापस भारत लाने की कवायद तेज हो गई है. इस बीच, विदेश मंत्रालय ने जानकारी देते हुए बताया कि युद्ध प्रभावित यूक्रेन के खारकीव शहर में मंगलवार सुबह गोलाबारी में एक भारतीय छात्र की मौत हो गई.
Ukraine Russia Conflict रूसी हमले के बाद यूक्रेन के शहरों में फंसे भारतीय नागरिकों और छात्रों को वापस भारत लाने की कवायद तेज हो गई है. इस बीच, विदेश मंत्रालय ने जानकारी देते हुए बताया कि युद्ध प्रभावित यूक्रेन के खारकीव शहर में मंगलवार सुबह गोलाबारी में एक भारतीय छात्र की मौत हो गई. मंत्रालय ने कहा कि वह छात्र के परिवार के संपर्क में है. वहीं, पूर्व सेना प्रमुख जनरल एनसी विज ने कहा है कि यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिकों को जब तक देश वापस नहीं ले आया जाता है, तब तक उन्हें बम शेल्टर के अंदर या अन्य सुरक्षित स्थानों पर पहुंचना चाहिए.
न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, पूर्व सेना प्रमुख जनरल एनसी विज ने कहा कि जब तक उन्हें निकालने के लिए व्यवस्था नहीं कर ली जाती है, तब तक उन्हें सड़कों पर या युद्धग्रस्त इलाकों में बाहर नहीं निकलना चाहिए. रूसी सेना की ओर से की जा रही कार्रवाई के मद्देनजर यूक्रेन में बढ़ते तनाव के बीच उनकी यह टिप्पणी आई है. एनसी विज ने कहा कि जो भारतीय बम शेल्टर और अन्य जगहों पर हैं, उन्हें हिलना नहीं चाहिए. जनरल विज ने एएनआई को बताया कि यूक्रेन में छात्रों सहित अन्य भारतीयों को अपने दम पर सीमावर्ती क्षेत्रों में नहीं जाना चाहिए.
पूर्व सेना प्रमुख ने कहा कि यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिकों को बचाने का पूरा श्रेय भारत सरकार को जाना चाहिए. उन्होंने मंत्रियों को ‘विशेष दूत’ के रूप में भेजने के देश के फैसले की भी सराहना की. विशेष दूत के रूप में वहां पहुंचे मंत्री यूक्रेन के पड़ोसी देशों के साथ निकासी प्रयासों में समन्वय स्थापित करेंगे. एनसी विज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूक्रेन संकट पर खुद हाई लेवल मीटिंग की अध्यक्षता कर रहे है. पीएम मोदी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता छात्रों और अन्य लोगों को यूक्रेन से बाहर निकालना है.
इधर, आधिकारिक सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि खारकीव में बिगड़ती स्थिति गंभीर चिंता का विषय है और उस शहर में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सरकार के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है. बताया जा रहा है कि भारत पहले ही रूसी और यूक्रेनी दूतावासों के साथ खारकीव और संघर्ष वाले अन्य शहरों से छात्रों सहित भारतीय नागरिकों के लिए सुरक्षित मार्ग की आवश्यकता का मुद्दा उठा चुका है. न्यूज एजेंजी पीटीआई की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि जिन जगहों पर संघर्ष से आवाजाही के लिए खतरा नहीं है, वहां भारतीय अधिकारी नागरिकों को निकालने में सफल रहे हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक, सूत्रों ने कहा कि भारत यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिकों की वापसी सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास करना जारी रखेगा. यूक्रेन से भारतीयों की सुरक्षित निकासी के प्रयासों के तहत केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी हंगरी जा रहे हैं. वहीं, ज्योतिरादित्य सिंधिया रोमानिया और मोल्दोवा में निकासी प्रक्रिया की देखरेख करेंगे. जबकि, किरेन रिजिजू स्लोवाकिया की यात्रा कर रहे हैं और अवकाशप्राप्त जनरल वीके सिंह पोलैंड से लगते पारगमन बिंदुओं पर निकासी प्रक्रिया की देखरेख करेंगे.
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