'नए कानूनों में सजा का कोई प्रावधान नहीं, इसका मकसद न्याय देना…', चंडीगढ़ में गरजे अमित शाह

Published by : Pritish Sahay Updated At : 04 Aug 2024 8:46 PM

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Amit Shah | ANI, X

Amit Shah: अमित शाह ने तीन आपराधिक कानूनों की जमकर तारीफ की. शाह ने कहा कि तीनों कानून देश के लोगों के चुने हुए प्रतिनिधियों की ओर से बनाए गए हैं. ये भारतीय संसद में बनाए गए भारतीय कानून हैं.

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Amit Shah: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को तीन आपराधिक कानूनों की जमकर तारीफ की. शाह ने कहा कि इन कानूनों में सजा का कोई प्रावधान नहीं है, इनका उद्देश्य न्याय देना है. अमित शाह ने आज (4 अगस्त) को चंडीगढ़ में ई-साक्ष्य, न्याय सेतु , न्याय श्रुति और ई-समन सिस्टम के उद्घाटन समारोह में शामिल हुए थे. अमित शाह ने तीन कानून की सराहना करते हुए कहा कि पीएम मोदी सरकार बीते 10 साल के शासनकाल में जो भी सुधार हुए हैं उसमें कोई सुधार सबसे बड़ा है तो वह तीन आपराधिक कानूनों को लागू करना होगा.

भारतीय संसद की ओर से बनाए गए भारतीय कानून- अमित शाह
न्यूज एजेंसी एएनआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक गृह मंत्री अमित शाह ने चंडीगढ़ में कहा कि किसी देश को आजाद कैसे माना जा सकता है जब उसकी आपराधिक न्याय प्रणाली दूसरे देश की संसद की ओर से पारित की गई हो. वो भी तब जब वो देश गुलाम हो. भारत के साथ भी ऐसा ही था. शाह ने कहा कि इसलिए मैं गर्व से कह सकता हूं कि भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम ये तीनों देश के लोगों के चुने हुए प्रतिनिधियों की ओर से बनाए गए हैं. ये भारतीय संसद में बनाए गए भारतीय कानून हैं.

अमित शाह ने कहा कि इन कानूनों के पूर्ण रूप से लागू होने के बाद भारत में पूरी दुनिया में सबसे आधुनिक और तकनीक से लैस आपराधिक न्याय प्रणाली होगी. इसके लिए गृह मंत्रालय विभिन्न स्तरों पर प्रशिक्षण और कौशल निर्माण की व्यवस्था कर रहा है. शाह ने का कि बीएनएस , बीएनएसएस और बीएसए ये तीनों हमारे लोगों के चुने हुए प्रतिनिधियों की ओर से बनाए गए कानून हैं. इन कानूनों में सजा का कोई प्रावधान नहीं है. इसका उद्देश्य न्याय देना है.

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प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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