Tejas Crash : तेजस हादसे की खबर सुनकर किसके पास दौड़ी नमांश स्याल की चाची, विंग कमांडर के चाचा ने बताया

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 23 Nov 2025 9:41 AM

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विंग कमांडर नमांश स्याल (Photo: X)

Tejas Crash : विंग कमांडर नमांश स्याल के गांव के लोगों ने तेजस हादसे में जान गंवाने वाले पायलट को सच्चे देशभक्त के रूप में याद किया. उनकी मौत की खबर से पूरा गांव दुखी है. उनकी शादी साल 2014 में हुई थी और उनकी एक 6 साल की बेटी है.

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Tejas Crash : हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के पटियालकर गांव के लोग विंग कमांडर नमांश स्याल की मौत की खबर पर अभी भी विश्वास नहीं कर रहे हैं. नमांश तेजस लड़ाकू विमान उड़ा रहे थे, जो दुबई एयर शो में शनिवार को एयर शो के दौरान हादसे का शिकार हो गया. इस घटना से गांव में शोक और सदमे का माहौल है. नमांश के परिवार में उनके माता-पिता, पत्नी और छह साल की एक बेटी है. उनकी पत्नी भी भारतीय वायुसेना से जुड़ी हुई हैं. दोनों पठानकोट में अपनी पहली तैनाती के दौरान एक-दूसरे से मिले थे और फिर 2014 में शादी के बंधन में बंध गए.

इंटरनेट पर ताजा खबरें देखने के बाद परिवार को हुई जानकारी

नमांश के चाचा जोगिंदरनाथ स्याल ने बताया कि हमने अंतिम संस्कार की सारी तैयारियां कर ली हैं. जोगिंदरनाथ को शुक्रवार दोपहर उस समय हादसे के बारे में पता चला, जब नमांश के पिता ने उन्हें फोन किया और पूछा कि क्या उनके पास घटना के बारे में कोई जानकारी है. जोगिंदरनाथ ने बताया कि मेरी पत्नी दौड़कर उनके किरायेदार के पास गई. वह कतर में काम करता है और छुट्टियों में गांव आया था. इंटरनेट पर ताजा खबरें देखने के बाद, उसने पुष्टि की कि दुर्घटनाग्रस्त हुए जेट विमान को नमांश ही उड़ा रहा था.

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चाचा जोगिंदरनाथ ने कहा, “मैंने तुरंत अपने भाई से संपर्क करके उन्हें यह दुखद खबर दी. शुरू में तो उन्हें मेरी बात पर यकीन नहीं हुआ, लेकिन जब मैंने कहा कि मेरी जानकारी पुख्ता है, तो उन्हें सच्चाई का एहसास हो गया.”

हजारों लोगों की जान बचाने के लिए नमांश ने किया ये काम

नमांश के गांव के लोगों ने कहा कि उसने दुबई एयर शो में हजारों लोगों की जान बचाने के लिए ऐन समय पर विमान का रूट बदलकर अपनी मौत को भी मिसाल बना दिया. नगरोटा बगवां क्षेत्र में स्याल परिवार के घर पर शनिवार सुबह से ही दिल दहला देने वाला दृश्य देखने को मिला, जहां ग्रामीण नमांश की असामयिक मौत से शोक में डूबे परिजनों को सांत्वना देने की कोशिश कर रहे हैं.

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लेखक के बारे में

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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