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वर्ष 2021 का पहला सूर्यग्रहण कल, आकाश में दिखेगा रिंग ऑफ फायर, जानें इसकी खासियत

Updated at : 09 Jun 2021 6:52 PM (IST)
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वर्ष 2021 का पहला सूर्यग्रहण कल, आकाश में दिखेगा रिंग ऑफ फायर, जानें इसकी खासियत

Annular solar eclipse : 10 जून को एक बड़ी खगोलीय घटना होने वाली है, इस दिन रिंग ऑफ फायर देखने को मिलेगा क्योंकि इस दिन वर्ष 2021 का पहला सूर्यग्रहण लगेगा. यही वजह है कि वैज्ञानिक इस दिन का इंतजार कर रहे हैं.

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Annular solar eclipse : 10 जून को एक बड़ी खगोलीय घटना होने वाली है, इस दिन रिंग ऑफ फायर देखने को मिलेगा क्योंकि इस दिन वर्ष 2021 का पहला सूर्यग्रहण लगेगा. यही वजह है कि वैज्ञानिक इस दिन का इंतजार कर रहे हैं.

इस सूर्यग्रहण के दौरान दुर्लभ दृश्य देखने को मिलेगा क्योंकि जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक लाइन में आ जायेंगे और चंद्रमा सूर्य की रोशनी को अवरूद्ध करेगा, तो आसमान में अद्‌भुत नजारा दिखेगा. इस खगोलीय घटना को एक घंटे तक देखा जा सकेगा.

रिंग ऑफ फायर किसे कहते हैं

सूर्य ग्रहण के दौरान चंद्रमा सूर्य की रोशनी को रोकता है जिसके कारण पृथ्वी पर एक साया सा उभरता है और उसके पीछे सूरज की रोशनी वलयाकार होकर दिखाई देती है जो देखने में रिंग जैसी लगती है, क्योंकि चंद्रमा सूर्य के सिर्फ मध्य भाग को ही अपने छाया क्षेत्र में ले पाता है. इस प्रक्रिया में जैसे ही चंद्रमा सूर्य के केंद्र को कवर करता है, किनारों से रोशनी निकलती हुई दिखायी देती है जो वलयाकार होती है और जिसे रिंग ऑफ फायर कहा जाता है.

तीन प्रकार का होता है सूर्य ग्रहण

सूर्य ग्रहण तीन तरह का होता है- पूर्ण सूर्य ग्रहण,आंशिक सूर्य ग्रहण और वलयाकार सूर्य ग्रहण

पूर्ण सूर्य ग्रहण तब लगता है जब चंद्रमा पृथ्वी के काफी नजदीक होता है और वह सूर्य और पृथ्वी के बीच में आ जाता है, उस वक्त वह सूर्य की रोशनी को पूरी तरह रोक देता है और पृथ्वी पर अंधेरा सा हो जाता है.

आंशिक सूर्य ग्रहण के दौरान चंद्रमा सूर्य के कुछ ही भाग को अपनी छाया में ले पाता है जिसकी वजह से सूर्य का कुछ भाग ही पृथ्वी से दिखाई नहीं देता है.

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वलयाकार सूर्य ग्रहण

वलयाकार सूर्य ग्रहण के दौरान चंद्रमा पृथ्वी से काफी दूर होता है और पृथ्वी और सूर्य के बीच में आ जाता है जिसकी वजह से सूर्य का मध्य भाग ही छाया क्षेत्र में आता है जिसके कारण सूर्य की रौशनी छाया क्षेत्र के चारों ओर दिखाई देती है जो वलयाकार या रिंग की तरह होती है.

Posted By : Rajneesh Anand

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