SC ने कहा- शर्म करें पुलिस अधिकारी, 3 साल की बच्ची से बलात्कार की जांच SIT को सौंपी

Updated at : 25 Mar 2026 6:00 PM (IST)
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Supreme Court on SIT probe

सुप्रीम कोर्ट

Supreme Court : सुप्रीम कोर्ट ने 3 तीन साल की एक बच्ची के साथ हुए बलात्कार के मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय महिला आईपीएस अधिकारियों की विशेष जांच टीम यानी एसआईटी गठित की है.बच्ची के साथ उसके दो महिला घरेलू सहायिकाओं और उनके एक पुरुष साथी ने लगभग दो महीने तक दुष्कर्म किया था.

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Supreme Court : हरियाणा के गुरुग्राम में 3 तीन साल की बच्ची से बलात्कार के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य पुलिस के रवैये की निंदा की है और कहा है कि पुलिस विभाग ने जो कुछ किया वह शर्मनाक है. सुप्रीम कोर्ट ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए महिला आईपीएस अधिकारियों की एक जांच टीम गठित की है.

पॉक्सो के अपराध को दबाने की कोशिश की गई : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची एवं जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने कहा कि हरियाणा पुलिस ने पॉक्सो (यौन अपराध से बच्चों का संरक्षण) अधिनियम के तहत दर्ज एफआईआर में गंभीर धारा लगाने की बजाय हल्की धारा लगाकर अपराध को कमतर दिखाने की कोशिश की. कोर्ट ने कहा कि सरासर पुलिस विभाग की लापरवाही है.सुप्रीम कोर्ट ने बच्ची के बयान पर अपना पक्ष पूरी तरह से बदलने के लिए एक निजी अस्पताल की डॉक्टर को भी फटकार लगाई और कहा कि एक डॉक्टर का ऐसा करना शर्मनाक है. कोर्ट ने गुरुग्राम पुलिस के अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों नहीं उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए.कोर्ट ने गुरुग्राम बाल कल्याण समिति को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया है.

कोर्ट ने कहा पुलिस अधिकारियों को शर्म आनी चाहिए

मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस बागची ने कहा कि जब ऐसे पुलिस अधिकारियों को शर्म आनी चाहिए, जो कोर्ट द्वारा मामले का संज्ञान लेने के बाद गिरफ्तारियां शुरू करते हैं. इस घटना की रिपोर्ट 4 फरवरी 2026 को सेक्टर 53 के थाने में दर्ज कराई गई थी. हालांकि घटना दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 की है, लेकिन जब बच्ची ने घटना की जानकारी अपने माता-पिता को दी, तो रिपोर्ट दर्ज कराई गई.

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Rajneesh Anand

लेखक के बारे में

By Rajneesh Anand

राजनीति,सामाजिक, इतिहास, खेल और महिला संबंधी विषयों पर गहन लेखन किया है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में रुचि. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक. IM4Change, झारखंड सरकार तथा सेव द चिल्ड्रन के फेलो के रूप में कार्य किया है. पत्रकारिता के प्रति जुनून है. प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव.

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