Sambhal Temple Video : गये थे बिजली चोरों को पकड़ने, मिल गया 46 साल पुराना मंदिर, भगवान शिव आए नजर
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 14 Dec 2024 12:57 PM
संभल में 46 साल से बंद था मंदिर
Sambhal Temple Video : बिजली चोरी के खिलाफ छापेमारी के दौरान मिला 46 साल पुराना मंदिर प्रशासन को नजर आया. इसे खुलवाया गया है. देखें वीडियो.
Sambhal Temple Video : उत्तर प्रदेश के संभल में एक मंदिर फिर से खोला गया है. न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, नगर हिंदू सभा के संरक्षक विष्णु शरण रस्तोगी का दावा है कि 1978 के बाद मंदिर को फिर से खोला गया है. संभल सीओ अनुज कुमार चौधरी ने कहा, ”हमें सूचना मिली थी कि इलाके में एक मंदिर पर अतिक्रमण किया जा रहा है. जब हमने मौके का निरीक्षण किया तो हमें वहां एक मंदिर मिला.” संभल डीएम-एसपी ने 46 साल से बंद पड़े भगवान शिव के मंदिर को खुलवाया है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अवैध अतिक्रमण और बिजली चोरी के खिलाफ छापेमारी के दौरान यह मंदिर नजर आया. देखें वीडियो
एडिशनल एस श्रीश चंद्र ने कहा, ”जांच के दौरान पता चला कि कुछ लोगों ने मंदिर पर मकान बना लिया है. मंदिर को साफ किया जा चुका है. मंदिर पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. मंदिर के अंदर भगवान शिव और हनुमान की मूर्तियां हैं. कभी इस इलाके में हिंदू परिवार रहते थे. कुछ कारण से उन्होंने इलाका छोड़ दिया. यहां एक प्राचीन कुएं के बारे में भी जानकारी मिली है.”
अभी संभल का माहौल है टेंशन भरा
पिछले काफी दिनों से संभल का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है. कुछ दिन पहले जब कोर्ट के आदेश पर एक टीम सर्वे करने के लिए पहुंचीं थी तो यहां हिंसा फैल गई थी. हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई थी. मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया था. इसके बाद शीर्ष कोर्ट ने निचली अदालत से कोई भी एक्शन फिलहाल नहीं लेने को कहा था.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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