रमेश ने दी मौत को मात, विमान में एकमात्र जिंदा बचे विश्वास, कहा- 'नहीं हो रहा यकीन…'

Published by : Pritish Sahay Updated At : 13 Jun 2025 9:21 PM

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Ahmedabad Plane Crash

Ahmedabad Plane Crash: एयर इंडिया विमान हादसे में एकमात्र जिंदा बचे शख्स विश्वास कुमार रमेश अपने बचने को किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहे हैं. उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि वो कैसे जिंदा बच इस इसका उन्हें भी विश्वास नहीं हो रहा है. इस विमान हादसे में विमान में सवार सभी यात्रियों समेत कुल 265 लोग मारे गए हैं.

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Ahmedabad Plane Crash: अहमदाबाद से लंदन के गैटविक जा रहे एयर इंडिया की दुर्घटनाग्रस्त उड़ान एआई 171 के एकमात्र जीवित बचे विश्वास कुमार रमेश खुद अजरज में है कि वो इतने भीषण हादसे से जिंदा कैसे बच गए हैं. इस हादसे में कुल 265 लोगों की जान चली गई. विश्वास चमत्कारिक रूप से उस हादसे में बच गए हैं. ब्रिटिश नागरिक रमेश ने कहा कि उन्हें ऐसा महसूस हुआ कि अहमदाबाद से गैटविक के लिए नौ घंटे की यात्रा पूरी करने के लिए विमान उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद ही रुक गया और हरी-सफेद बत्तियां जलने लगी. शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिविल अस्पताल में भर्ती रमेश से मुलाकात की और उनका हाल जाना.

‘मुझे विश्वास नहीं है कैसे बच गया’- रमेश

एक इंटरव्यूज में रमेश ने कहा “यह सब मेरी आंखों के सामने हुआ. मुझे विश्वास नहीं हो रहा कि मैं कैसे बच गया.” उन्होंने कहा “एक पल के लिए मुझे लगा कि मैं मरने वाला हूं, लेकिन जब मेरी आंखें खुली तो मैं जीवित था. मैंने सीट से अपनी बेल्ट खोली और बाहर निकल आया.” रमेश ने कहा कि उनकी मेरी आंखों के सामने ही विमान में सवार एयरहोस्टेस और अन्य यात्रियों की मौत हो गई. एक मिनट के भीतर ऐसा लगा कि विमान रुक गया है. हरी और सफेद बत्तियां जलने लगी थी. ऐसा लग रहा था कि वे विमान को और अधिक गति देने की कोशिश कर रहे हैं. इसी बीच विमान एक इमारत से टकरा गया.

11ए सीट पर बैठे थे रमेश

रमेश अहमदाबाद-लंदन एआई 171 विमान में सीट संख्या 11 ए पर बैठे थे. विमान में चालक दल के 12 सदस्यों सहित 242 लोग सवार थे. सीट संख्या 11ए, एअर इंडिया के बोइंग 787-8 विमान की इकोनॉमी क्लास की पहली पंक्ति की छह सीटों में से एक है. सीट मानचित्र के अनुसार यह आपातकालीन निकास के पास एक खिड़की वाली सीट थी और विमान के प्लाइट अटेंडेंट के लिए बनाए गए स्थान से सटी हुई थी. रमेश ने बताया कि विमान का उनका हिस्सा हॉस्टल से नहीं टकराया, जिससे वह मलबे से दूर जा सके. उन्होंने कहा “विमान में जहां मैं बैठा था वह हिस्सा जमीन पर गिरा. मेरे पास थोड़ी जगह थी. जब दरवाजा खुला, तो मैं एक जगह ढूंढ़ पाया और भाग निकला. मुझे यकीन ही नहीं हुआ कि मैं जिंदा हूं. आग में मेरा बायां हाथ जल गया, लेकिन मैं दुर्घटनास्थल से बाहर निकल आया. मुझे यहां अच्छा इलाज मिला.”

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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