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Ram Mandir in Bengal : बंगाल में बनेगा भव्य राम मंदिर! पोस्टर आया सामने

Updated at : 12 Dec 2025 7:30 AM (IST)
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Ram Mandir in Bengal

बंगाल में राम मंदिर (Photo: AI)

Ram Mandir in Bengal : मस्जिद विवाद के बाद बंगाल में अयोध्या शैली का राम मंदिर बनाने की तैयारी शुरू हो गई है. इसके पोस्टर नजर आए हैं.

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Ram Mandir in Bengal : बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले मंदिर-मस्जिद को लेकर बढ़ते राजनीतिक विवाद के बीच गुरुवार को साल्ट लेक के विभिन्न इलाकों में पोस्टर लगाए गए. इनमें महानगर के पूर्वी छोर पर अयोध्या-शैली के राम मंदिर परिसर बनाने के प्लान के बारे में बताया गया. इसके परिसर में स्कूल, अस्पताल, वृद्धाश्रम और अन्य कल्याणकारी सुविधाएं उपलब्ध कराने का वादा पोस्टर में किया गया है.

एक रुपए का योगदान देने का आह्वान

स्थानीय भाजपा नेता और पूर्व स्थानीय इकाई के अध्यक्ष संजय पोयरा के नाम से ये पोस्टर सिटी सेंटर, करुणामयी और बिधाननगर के कई अन्य प्रमुख इलाकों में लगाए गए हैं. इनमें घोषणा की गई है कि चार बीघा जमीप पर “अयोध्या संरचना के समान” एक राम मंदिर बनाया जाएगा और परियोजना के लिए प्रत्येक व्यक्ति से एक रुपए का योगदान देने का आह्वान किया गया है.

भूमि उपयोग के कड़े नियम हैं इलाके में

बिधाननगर नगर निगम ने अभी तक इन पोस्टरों पर कोई टिप्पणी नहीं की है, न ही यह बताया है कि इस तरह के निर्माण के लिए कोई औपचारिक आवेदन प्रस्तुत किया गया है या नहीं. खासकर एक नियोजित नगर निगम क्षेत्र में जहां भूमि उपयोग के कड़े नियम हैं.

हुमायूं कबीर ने मस्जिद की नींव रखी

यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब निलंबित तृणमूल विधायक हुमायूं कबीर ने छह दिसंबर को मुर्शिदाबाद के रेजिनगर में 1992 के बाबरी मस्जिद ध्वंस की बरसी पर अभूतपूर्व सुरक्षा के बीच बाबरी मस्जिद-शैली की मस्जिद की नींव रखी थी.

यह भी पढ़ें : Babri Masjid Donation: बाबरी मस्जिद निर्माण के लिए अब तक कितना मिला दान? रात भर चली चंदे की गिनती

प्रशासन की अनुमति के बिना ही शुरू हुआ मस्जिद का निर्माण कार्य

मुर्शिदाबाद के रेजीनगर में प्रस्तावित बाबरी मस्जिद को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट में एक और जनहित याचिका दायर की गई है. याचिकाकर्ता का आरोप है कि जिला प्रशासन और स्थानीय निकायों से जरूरी अनुमति लिए बिना ही शिलान्यास किया गया. अधिवक्ता अर्नब कुमार घोष ने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सुजय पॉल की पीठ के सामने मामले में हस्तक्षेप की मांग की है. याचिका में कहा गया है कि यह निर्माण राज्य में साम्प्रदायिक सद्भाव की बजाय एक समुदाय की भावनाओं का लाभ उठाकर किया जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट पहले ही मूल बाबरी मस्जिद पर फैसला दे चुका है, फिर भी इस नाम पर तनाव बढ़ाने की कोशिश हो रही है.

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Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

डिजिटल जर्नलिज्म में 14 वर्षों से अधिक का अनुभव है. करियर की शुरुआत Prabhatkhabar.com से की. राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ है. राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहन लेखन का अनुभव रहा है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में विशेष रुचि है. ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग खबरों पर लगातार फोकस रहता है.

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