राज्यसभा चुनाव : ओडिशा में होगा 12 साल बाद मुकाबला

Edited by Amitabh Kumar
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राज्यसभा चुनाव ओडिशा (File Photo)

Rajya Sabha Election : ओडिशा में राज्यसभा की चार सीट के लिए पांच उम्मीदवार मैदान में हैं. यहां 12 साल बाद मुकाबला देखने को मिलेगा. इससे पहले साल 2014 में मतदान करवाया गया था.

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Rajya Sabha Election : ओडिशा में राज्यसभा चुनाव के लिए 5 उम्मीदवार मैदान में हैं. नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख (9 मार्च) को किसी भी उम्मीदवार ने अपना नाम वापस नहीं लिया. इसके साथ ही चार सीट के लिए पांच उम्मीदवार मैदान में रह गए हैं. 12 साल के बाद राज्यसभा की सीट के लिए मुकाबला होगा. इससे पहले यहां निर्विरोध चुनने की प्रकिया चली आ रही थी. भाजपा के मनमोहन सामल और सुजीत कुमार, बीजू जनता दल (बीजद) के संतृप्त मिश्रा और चिकित्सक दत्तेश्वर होता के अलावा निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय चुनावी मैदान में हैं.

मतदान 16 मार्च को होगा

एक अधिकारी ने बताया कि मतदान 16 मार्च को सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक होगा, जबकि मतगणना उसी दिन शाम पांच बजे होगी. पूरी चुनाव प्रक्रिया 20 मार्च तक पूरी हो जाएगी.

चौथी सीट पर हो सकता है मुकाबला

ओडिशा में राज्यसभा चुनाव के लिए इससे पहले 2014 में मतदान कराना आवश्यक हो गया था जब चार सीट के लिए पांच उम्मीदवार मैदान में थे. ओडिशा की 147 सदस्यीय विधानसभा में वर्तमान संख्या बल के आधार पर सत्तारूढ़ भाजपा दो सीट पर आसानी से जीत हासिल कर सकती है. वहीं विपक्षी बीजद को एक सीट मिलने की संभावना है. चौथी सीट पर मुकाबला होने की संभावना है.

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भाजपा ने सामल और कुमार को अपना औपचारिक उम्मीदवार बनाया है. निर्दलीय उम्मीदवार राय को समर्थन दिया है. वहीं कांग्रेस और माकपा ने होता को समर्थन देने की घोषणा की है, जिससे ‘क्रॉस-वोटिंग’ की आशंका जताई जा रही है. चुनावी गणित के अनुसार किसी उम्मीदवार को जीत के लिए कम से कम 30 प्रथम वरीयता मतों (फर्स्ट प्रीफ्रेंस वोट) की आवश्यकता होगी.

किस पार्टी के पास कितने विधायक

विधानसभा में भाजपा के 79 विधायक हैं. उसे तीन निर्दलीय विधायकों का समर्थन प्राप्त है. पिछले महीने दो विधायकों के निलंबन के बाद बीजद के पास 48 विधायक हैं. वहीं कांग्रेस के पास 14 विधायक और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) का एक विधायक है.

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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