Rajasthan : कोटा बना सुसाइड सिटी! बिहार और महाराष्ट्र के छात्रों ने दी जान तो उड़े प्रशासन के होश

Edited by Amitabh Kumar
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Rajasthan : कोटा जिले में 2023 में अब तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे 22 छात्रों ने आत्महत्या की है. यह किसी भी साल के लिए अब तक की सबसे बड़ी संख्या है. जानें अब किस राज्य के छात्रों ने दी जान

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Rajasthan : राजस्थान के कोटा से लगातार छात्रों के सुसाइड की खबर सामने आ रही है. राजस्थान के कोटा में रविवार को परीक्षा देने के कुछ घंटों बाद दो नीट अभ्यर्थियों के खुदकुशी करने की खबर आई. इस साल कोटा में चौबीस छात्रों की मौत खुदकुशी की वजह से हुई है. छात्रों की पहचान हो चुकी है. पहले छात्र का नाम आविष्कार शंबाजी कासले है जिसकी उम्र 18 साल बताई जा रही है जबकि दूसरे छात्र का नाम आदर्श राज है. जो बात सामने आई है उसके अनुसार, अविष्कार ने परीक्षा लिखने के कुछ मिनट बाद, लगभग 3.15 बजे कोचिंग संस्थान की छठी मंजिल से छलांग लगा दी.

बताया जा रहा है कि संस्थान के कर्मचारी अविष्कार को अस्पताल ले गए लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया. यह घटना परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई. इस घटना के कुछ घंटे के बाद, बिहार के मूल निवासी आदर्श राज, जिन्होंने परीक्षा भी दी थी, ने शाम लगभग 7 बजे अपने किराए के फ्लैट में खुद को फंदे से झूला लिया. ऐसा माना जाता है कि उसे परीक्षा में कम अंक मिलने का डर था और इसलिए उसने यह कदम उठाया.

महाराष्ट्र के लातूर जिले का मूल निवासी और 12वीं कक्षा का छात्र अविष्कार तीन साल से शहर में NEET UG की तैयारी कर रहा था और अपने नाना-नानी के साथ तलवंडी इलाके में एक किराए के कमरे में रह रहा था. उनके माता-पिता महाराष्ट्र में सरकारी स्कूल के शिक्षक हैं. एक पुलिस अधिकारी ने पुष्टि की कि अविष्कार की कोचिंग संस्थान की छठी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई. पुलिस ने बताया कि दूसरा छात्र आदर्श अपने चचेरे भाइयों के साथ रहता था और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता था. जब उसे नीचे उतारा गया तो कथित तौर पर उसकी सांसें चल रही थीं लेकिन अस्पताल ले जाते समय उसने दम तोड़ दिया. पुलिस के मुताबिक, दोनों छात्रों के कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है.

कलेक्टर, कोचिंग संस्थानों के साथ बैठक

आपको बता दें कि कोटा में एनईईटी के दो अभ्यर्थियों की आत्महत्या के एक दिन बाद, राजस्थान सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को वहां के जिला कलेक्टर और अन्य अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की. बैठक को लेकर अधिकारियों ने बताया कि प्रमुख सचिव (उच्च एवं तकनीकी शिक्षा) भवानी सिंह देथा की अध्यक्षता में हुई बैठक में कोचिंग संस्थानों और हॉस्टल एसोसिएशन के प्रतिनिधि भी शामिल हुए.

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बैठक में शामिल होने वाले अन्य अधिकारियों में कोटा के जिला कलेक्टर ओ पी बुनकर, पुलिस अधीक्षक शरद चौधरी, अतिरिक्त कलेक्टर (प्रशासन) राजकुमार सिंह और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भगवत सिंह हैं. देथा इस मुद्दे पर विचार करने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देश पर गठित एक समिति के अध्यक्ष भी हैं. समिति जल्द ही कोटा का दौरा भी करेगी.

गहलोत ने 18 अगस्त को सभी संबंधित पक्षों के साथ बैठक की थी

यहां चर्चा कर दें कि सीएम अशोक गहलोत ने 18 अगस्त को सभी संबंधित पक्षों के साथ बैठक की थी और समिति बनाने का निर्देश दिया जो 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट देगी. इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश की संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) और मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश की राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (एनईईटी) जैसी प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सालाना दो लाख से अधिक विद्यार्थी कोटा पहुंचते हैं. शहर में रविवार को चार घंटे के अंतराल में दो छात्रों ने अपनी जान दे दी.

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2023 में अब तक 22 छात्रों ने आत्महत्या की

अधिकारियों के अनुसार कोटा जिले में 2023 में अब तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे 22 छात्रों ने आत्महत्या की है. यह किसी भी साल के लिए अब तक की सबसे बड़ी संख्या है. पिछले साल यह आंकड़ा 15 था.

भाषा इनपुट के साथ

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लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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