Gujarat Election 2022: क्या राधनपुर सीट से इस बार अल्पेश ठाकोर को उम्मीदवार बनाएगी भाजपा ?
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 04 Oct 2022 8:34 AM
Gujarat Election 2022: अल्पेश ठाकोर ने कहा कि मुझे यहां से लड़ना है. मैं यहां इस सपने के साथ आया हूं कि राधनपुर में कोई असामाजिक तत्व सिर उठाने में कामयाब ना हो सके.
Gujarat Election 2022: गुजरात चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज हो चली है. इस बार का चुनाव कुछ रोचक नजर आ सकता है. ऐसा इसलिए क्योंकि इस बार चुनाव के मैदान पर भाजपा और कांग्रेस के अलावा आम आदमी पार्टी यानी आप भी नजर आने वाली है जो सभी सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुकी है. इस बीच अल्पेश ठाकोर की चर्चा गुजरात की राजनीति में हो रही है जो पिछले चुनाव में कांग्रेस के साथ थे और बाद में भाजपा में शामिल हो गये थे.
भाजपा के नेता और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) का प्रमुख चेहरा अल्पेश ठाकोर चुनाव के पहले सक्रिय हो गये हैं. उन्होंने कहा है कि वह आगामी गुजरात विधानसभा चुनाव पाटन जिले के राधनपुर सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा रखते हैं. आपको बता दें कि ठाकोर पाटीदार समुदाय को आरक्षण देने का विरोध करने के बाद प्रमुख ओबीसी नेता के तौर पर उभरे थे. उन्होंने वर्ष 2017 के चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर राधनपुर सीट से जीत का परचम लहराया था. हालांकि बाद में वे कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हो गये थे जिसकी वजह से उन्होंने इस सीट से इस्तीफा दे दिया था. अल्पेश ठाकोर को वर्ष 2019 में हुए उपचुनाव में राधनपुर से हार का सामना करना पड़ा था.
महिला पशुपालकों को संबोधित करते हुए सोमवार को अल्पेश ठाकोर ने कहा कि मुझे यहां से लड़ना है. मैं यहां इस सपने के साथ आया हूं कि राधनपुर में कोई असामाजिक तत्व सिर उठाने में कामयाब ना हो सके. मैं इस सपने के साथ आया हूं कि परिवारों को पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार मिले एवं युवाओं को नौकरी के लिए अपना घर ना छोड़ना पड़े यानी पलायन न करना पड़े. ठाकोर जब अपनी बात रख रहे थे तो कार्यक्रम में भाजपा के पूर्व विधायक शंकर चौधरी भी मौजूद थे.
राधनपुर विधानसभा सीट की बात करें तो यहां करीब 258424 मतदाता हैं जिसमें से 136646 पुरुष हैं. वहीं यहां 123777 महिला वोटर हैं. राधनपुर के पिछले कई चुनाव पर नजर डालें तो यहां कांग्रेस का पलड़ा भाजपा और दूसरी पार्टियों पर भारी दिखता है. देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस ने साल 1962, 1972, 1975, 1980, 1985, 2017 के बाद 2019 के उपचुनाव में भी जीत हासिल की थी. वहीं, भाजपा की बात करें तो वो केवल साल 2007, 2012, 2002, 1998 के विधानसभा चुनावों में ही जीत का स्वाद चख सकी है.
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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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