ePaper

पंजाब: 'पुलिस के बल प्रयोग करने पर भी हिलेंगे नहीं', PSPCL के बाहर धरना दे रहे किसानों ने दी चेतावनी

Updated at : 13 Jun 2023 9:49 AM (IST)
विज्ञापन
पंजाब: 'पुलिस के बल प्रयोग करने पर भी हिलेंगे नहीं', PSPCL के बाहर धरना दे रहे किसानों ने दी चेतावनी

पीएसपीसीएल कार्यालय के बाहर विरोध धरना 8 जून को सुबह शुरू किया गया था, जिसके बाद दोपहर बाद किसान नेताओं ने गेट पर ताला लगा दिया और तंबू लगाकर उनके सामने बैठ गए. किसानों ने कहा, हम जेल जाने को तैयार हैं, लेकिन जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक हम भूख हड़ताल खत्म नहीं करेंगे.'

विज्ञापन

लुधियाना में पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन (पीएसपीसीएल) के मुख्य कार्यालय के बाहर संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) का विरोध प्रदर्शन और कुछ किसान नेताओं का अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी है. सोमवार को, प्रधान कार्यालय में काम करने वाले 800 से अधिक कर्मचारियों को परिसर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी गई, अधिकांश कर्मचारियों ने या तो घर से या पटियाला के अन्य उप-कार्यालयों से काम करने का विकल्प चुना.

8 जून को शुरू हुआ था धरना-प्रदर्शन 

पीएसपीसीएल कार्यालय के बाहर विरोध धरना 8 जून को सुबह शुरू किया गया था, जिसके बाद दोपहर बाद किसान नेताओं ने गेट पर ताला लगा दिया और तंबू लगाकर उनके सामने बैठ गए. जगजीत सिंह डल्लेवाल, भोजराज सिंह, कुलविंदर सिंह पंजोला और तरसेम सिंह गिल सहित पांच किसान यूनियन नेताओं ने एक दिन बाद एक साथ कई मांगों को लेकर भूख हड़ताल शुरू की, जिसमें किसानों के लिए बिजली कनेक्शन की मांग भी शामिल थी. सहायक व्यवसायों के लिए लिए गए बिजली कनेक्शनों पर वाणिज्यिक शुल्क और अन्य बातों के अलावा आवारा पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान.

किसानों ने बनाया पीएसपीसीएल व एसबीआई के 27 कर्मचारियों को बंधक

गुरुवार को धरना शुरू होने के बाद पीएसपीसीएल कार्यालय के मुख्य गेट के बाहर धरना दे रहे किसानों द्वारा गुरुवार देर रात तक 11 महिलाओं समेत पीएसपीसीएल व एसबीआई के 27 कर्मचारियों को बंधक बनाकर रखा गया था. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद कर्मचारियों को रात 11 बजकर 50 मिनट पर जाने दिया गया. शुक्रवार सुबह प्रदर्शनकारी किसानों ने पीएसपीसीएल के किसी भी कर्मचारी को परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया. PSPCL के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (CMD), PSPCL और पंजाब स्टेट पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड (PSTCL) के निदेशक, कई मुख्य अभियंता आदि इन परिसरों से काम करते हैं. भारतीय स्टेट बैंक की पंजाब स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड (PSEB) शाखा भी परिसर के अंदर से संचालित होती है.

सोमवार को भी कर्मचारियों को परिसर के अंदर नहीं जाने दिया गया 

पीएसपीसीएल के एक कर्मचारी रणबीर सिंह ने कहा “गुरुवार दोपहर से, PSPCL कार्यालय के बाहर का ताला नहीं खोला गया है. न तो शुक्रवार को और न ही सोमवार को हमें परिसर के अंदर जाने दिया गया. हम घर या अन्य शाखा कार्यालयों से काम कर रहे हैं, ” उन्होंने कहा कि देर रात पुलिस द्वारा छुड़ाए जाने से पहले उन्हें गुरुवार को कुछ समय के लिए बंधक बनाकर रखा गया था.

सीएमडी खुद आएं और हमें बताएं कि हमारी मांगें क्यों नहीं मानी गईं- किसान 

सोमवार को एसकेएम (गैर राजनीतिक) सदस्यों ने भी पटियाला में एक विरोध मार्च निकाला और पीएसपीसीएल के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक (सीएमडी) बलदेव सिंह सरन का पुतला फूंका. किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने बाद में कहा, ‘पिछले साल मई में पीएसपीसीएल के सीएमडी ने हमारी मांगों पर सहमति जताई थी. लेकिन उनमें से आज तक एक भी लागू नहीं किया गया. हम चाहते हैं कि सीएमडी खुद आएं और हमें बताएं कि हमारी मांगें क्यों नहीं मानी गईं. हमारा विरोध जारी रहेगा.” बाद में शाम को, किसान नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल ने विरोध स्थल पर एक सभा को संबोधित किया और कहा कि सभी प्रदर्शनकारियों ने मिलकर सोमवार से भूख हड़ताल पर जाने का फैसला किया है, चाय और पानी के अलावा कुछ भी नहीं खाएंगे, जब तक कि उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती. मुलाकात की.

हम जेल जाने को तैयार हैं, लेकिन जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक हम भूख हड़ताल खत्म नहीं करेंगे.’ सरकार पुलिस का इस्तेमाल कर सकती है और हमें मौके से हटाने की कोशिश कर सकती है, लेकिन हम हिलेंगे नहीं, हम अपना धरना खत्म नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान बदलाव के नाम पर जनता को परेशान कर रहे हैं. “वह [मान] टेलीविजन कार्यक्रमों में जाता है जहां वह कहता है कि वह जनता से सलाह करके सरकार चला रहा है और फिर वह हमारी बात सुनने से इंकार कर देता है. गुरुवार को सरकार ने जानबूझकर कुछ कर्मचारियों को कैंपस के अंदर रहने के लिए कहा था ताकि वे बाद में आरोप लगा सकें कि कुछ लोगों को हमने बंधक बनाया था. ”

Also Read: किसान महापंचायत में गरजे राकेश टिकैत, कहा- मांग नहीं मानी तो पटना में होगा 8 दिनों का आंदोलन

विज्ञापन
Abhishek Anand

लेखक के बारे में

By Abhishek Anand

'हम वो जमात हैं जो खंजर नहीं, कलम से वार करते हैं'....टीवी और वेब जर्नलिज्म में अच्छी पकड़ के साथ 10 साल से ज्यादा का अनुभव. झारखंड की राजनीतिक और क्षेत्रीय रिपोर्टिंग के साथ-साथ विभिन्न विषयों और क्षेत्रों में रिपोर्टिंग. राजनीतिक और क्षेत्रीय पत्रकारिता का शौक.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola