Pollution News: दिल्ली के बाद अब पंजाब की हवा हुई जहरीली, बठिंडा में सांस लेना भी दुभर

Published by : Pritish Sahay Updated At : 08 Nov 2022 8:21 PM

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Pollution News: पंजाब के कई इलाकों में प्रदूषण का लोग प्रकोप झेल रहे हैं. लेकिन पंजाब में किसानों का पराली जलाना लगातार जारी है. ऐसे में पर्यावरण में प्रदूषण का खतरा और बढ़ गया है. बीते साल की तुलना में पराली जलाने के मामले में बहुत ज्यादा इजाफा हुआ है

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Pollution News: दिल्ली में प्रदूषण की मार से लोगों का जीना मुहाल हो रहा है. यही हाल पंजाब के बठिंडा का भी है. बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण बठिंडा में लोगों को सांस लेने में भी परेशानी हो रही है. लोगों का कहना है कि प्रदूषण के कारण उनकी आंखों में जलन होने लगी है. बढ़ते प्रदूषण को लेकर स्थानीय लोगों का कहना है कि घर से बाहर निकलने का मन ही नहीं करता क्योंकि आंखों में जलन होती है. एक शख्स ने कहा कि बीते 15 दिनों से बच्चों का भी स्कूल जाना बंद हो गया है.

लगातार जलाई जा रही है पराली: पंजाब के कई इलाकों में प्रदूषण का लोग प्रकोप झेल रहे हैं. लेकिन पंजाब में किसानों का पराली जलाना लगातार जारी है. ऐसे में पर्यावरण में प्रदूषण का खतरा और बढ़ गया है. बीते साल की तुलना में पराली जलाने के मामले में बहुत ज्यादा इजाफा हुआ है. बीते महीने अक्टूबर के अंतिम दिन राज्य में पराली जलाने के 13 हजार से ज्यादा मामले सामने आये थे. इसके बाद भी पराली जलाने में कोई कमी नहीं आयी है.

दिल्ली-एनसीआर की हवा बेहद खराब: पंजाब में पराली जलाने से दिल्ली में भी पर्यावरण संकट गहरा गया है. दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में हवा का स्तर बेहद खराब श्रेणी में आ चुका है. लोगों को सांस लेने में भी तकलीफ हो रही है. आज यानी मंगलवार को दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) लगातार चौथे दिन बेहद खराब श्रेणी में दर्ज किया गया. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा साझा किए गए आंकड़े के अनुसार न्यूनतम तापमान 17.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो इस मौसम में औसत से तीन डिग्री अधिक है.

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी में 24 घंटे का औसत एक्यूआई मंगलवार सुबह करीब सवा नौ बजे 348 था. इससे पहले रविवार को एक्यूआई 339 था जो सोमवार को बढ़कर 354 हो गया था. गौरतलब है कि शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को अच्छा होता है. वहीं 51 से 100 के बीच संतोषजनक, जबकि, 101 और 200 के बीच मध्यम और 201 और 300 के बीच खराब श्रेणी में आता है. वहीं, 301 और 400 के बीच बहुत खराब और 401 और 500 के बीच गंभीर श्रेणी में माना जाता है.
भाषा इनपुट के साथ

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प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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