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चुनौतियों को चुनौती देकर आगे बढ़ने का है इरादा, अरुण जेटली मेमोरियल लेक्चर में बोले पीएम नरेंद्र मोदी

Updated at : 08 Jul 2022 8:20 PM (IST)
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चुनौतियों को चुनौती देकर आगे बढ़ने का है इरादा,  अरुण जेटली मेमोरियल लेक्चर में बोले पीएम नरेंद्र मोदी

PM Narendra Modi In Arun Jaitley Memorial Lecture: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रथम अरुण जेटली मेमोरियल लेक्चर में कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए 30 हजार कंप्लायंसेज को खत्म कर दिया. पांच साल में 1,500 गैर-जरूरी कानूनों को खत्म किया.

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PM Narendra Modi In Arun Jaitley Memorial Lecture: हां, चुनौतियां हैं. चुनौतियां हैं, तो हमारे पास 130 करोड़ समाधान भी हैं. हमने चुनौतियों को ही चुनौती देकर आगे बढ़ने का इरादा किया है. ये बातें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहीं. वह विज्ञान भवन में आयोजित प्रथम ‘अरुण जेटली मेमोरियल लेक्चर’ को संबोधित कर रहे थे. जापान के प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि देने के बाद पीएम मोदी ने बताया कि किस तरह से उन्होंने अपने 5 साल के कार्यकाल में 1,500 गैरजरूरी कानूनों को खत्म किया.

लोगों की जिंदगी में सरकार का प्रभाव न हो

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य रहा है कि लोगों की जिंदगी में सरकार का प्रभाव न हो. साथ ही यह भी ध्यान रखा गया है कि जहां लोगों को सरकार की जरूरत हो, वहां सरकार का अभाव न हो. प्रधानमंत्री ने कहा कि हम देश की क्षमता बढ़ा रहे हैं. कोविड वैक्सीनेशन का उदाहरण उन्होंने दिया. कहा कि निजी क्षेत्र ने वैक्सीन बनाने में बेहतरीन काम किया, तो सरकार ने उन्हें भरपूर सहयोग भी दिया.

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भारत का स्पेस साइंस सबसे सस्ता, सबसे विश्वसनीय

प्रधानमंत्री ने कहा कि स्पेस साइंस के क्षेत्र में भारत ने अभूतपूर्व सफलता हासिल की है. हमारी स्पेस टेक्नोलॉजी दुनिया में सबसे सस्ता और सबसे विश्वसनीय है. स्पेस सर्विस प्रोवाइडर के रूप में हमारी एजेंसीज ने शानदार काम किया है. उन्होंने कहा कि डिजिटल पेमेंट इको सिस्टम में हम दुनिया में अग्रणी देश बनते जा रहे हैं. विशाल देश आगे बढ़ रहा है. हमने प्राइवेट प्लेयर्स को पार्टनर इन प्रोग्रेस बनाया है.

निर्माण क्षेत्र में दिख रहा पीएलआई स्कीम का असर

पीएम मोदी ने कहा कि पीएलआई स्कीम का असर आज निर्माण क्षेत्र में देखा जा सकता है. कोरोना काल में मैंने भारतीय खिलौनों पर एक विचार रखा था. तब लोगों के लिए यह मजाक का विषय बन गया था. लोगों ने कहा कि प्रधानमंत्री के पास और कोई काम नहीं है. कभी झाड़ू की बात करता है, कभी टॉयलेट की. अब टॉय (खिलौने) की बात कर रहा है. लेकिन, अभी दो साल नहीं बीते. इसका असर दिखने लगा है.

विदेशी खिलौनों का आयात घटा, भारतीय खिलौनों का निर्यात बढ़ा

प्रधानमंत्री ने कहा कि विदेशों से खिलौनों का आयात बहुत घट गया है. इसके विपरीत हमारे खिलौनों का निर्यात तेजी से बढ़ा है. उन्होंने कहा कि हमारे पास अनगिनत नये अवसर हैं. हम अपने संकल्पों को सिद्ध करेंगे और नये लक्ष्य को हासिल करेंगे. अपने भाषण का समापन उन्होंने पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को श्रद्धांजलि देकर की.

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