क्या है पीएम मोदी का '5 आई' फॉर्मूला? क्या इससे ठीक हो जाएगी अर्थव्यवस्था?

Pm modi sambodhan, Pm modi sambodhan time, Pm modi sambodhan today, aatmnirbhar bharat, cii: कोरोनावायरस खतरे के बीच बेपटरी हुई अर्थव्यवस्था को फिर से ठीक करने के लिए पीएम मोदी ने '5 आई' का फॉर्मूला दिया है. पीएम ने कहा कि भारत के प्रति दुनिया का अटूट विश्वास है और हमें इसी विश्वास को मजबूती बनाकर आर्थिक लाभ लेना होगा. उन्होंने कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) के कार्यक्रम में कहा कि आत्मनिर्भर भारत दुनिया के साथ कदम मिलाकर चलेगा और सबका सहयोग करेगा. आइये जानते हैं पीएम मोदी के भाषण की प्रमुख बातें...
नयी दिल्ली : कोरोनावायरस खतरे के बीच बेपटरी हुई अर्थव्यवस्था को फिर से ठीक करने के लिए पीएम मोदी ने ‘5 आई’ का फॉर्मूला दिया है. पीएम ने कहा कि भारत के प्रति दुनिया का अटूट विश्वास है और हमें इसी विश्वास को मजबूती बनाकर आर्थिक लाभ लेना होगा. उन्होंने कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) के कार्यक्रम में कहा कि आत्मनिर्भर भारत दुनिया के साथ कदम मिलाकर चलेगा और सबका सहयोग करेगा. आइये जानते हैं पीएम मोदी के भाषण की प्रमुख बातें…
‘5 आई’ फॉर्मूला– देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने का ‘5 आई’ फॉर्मूला बताया है. पीएम मोदी ने कहा कि भारत को फिर से तेज विकास के पथ पर लाने के लिए, आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए 5 चीजें बहुत ज़रूरी है. उनमें इरादा, समावेश, निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर और नवोन्मेष प्रमुख है. भारत के विकास गति को बढ़ाने के लिए इसी फॉर्मूले पर काम करना चाहिए.
अनलॉक 1.0 में प्रवेश- लॉकडाउन 5.0 के बजाय पीएम मोदी ने अपने संबोधन में अनलॉक 1.0 पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि कोरोना ने हमारी स्पीड जितनी भी धीमी की हो, लेकिन आज देश की सबसे बड़ी सच्चाई यही है कि भारत, लॉकडाउन को पीछे छोड़कर अनलॉक 1.0 फेज में एंट्री कर चुका है. इकॉनोमी का बहुत बड़ा हिस्सा खुल चुका है. पीएम मोदी ने आगे कहा कि आज ये सब हम इसलिए कर पा रहे हैं, क्योंकि जब दुनिया में कोरोना वायरस पैर फैला रहा था, तो भारत ने सही समय पर, सही तरीके से सही कदम उठाए. दुनिया के तमाम देशों से तुलना करें तो आज हमें पता चलता है कि भारत में लॉकडाउन का कितना व्यापक प्रभाव रहा है.
अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने में पॉलिसी सुधार की जरूरत– पीएम ने सीआईआई के संबोधन में कहा कि अर्थव्यवस्था को ठीक करने के लिए पॉलिसी सुधार के सबसे अधिक जरूरत है. उन्होंने कहा कि सरकार आज ऐसे-ऐसे पॉलिसी सुधार कर रही है, जिनकी देश ने उम्मीद भी छोड़ दी थी. अगर मैं कृषि सेक्टर की बात करूं तो हमारे यहां आजादी के बाद जो नियम-कायदे बने, उसमें किसानों को बिचौलियों के हाथों में छोड़ दिया गया था.
आत्मनिर्भर का मतलब और मजबूत– आत्मनिर्भर भारत बनाने कुछ दिशा में उठाए जा रहे कदमों के बारे में बताने के बाद बाद पीएम मोदी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का मतलब है कि हम और ज्यादा मजबूत होकर दुनिया को साथ मिलाएंगे. आत्मनिर्भर भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ पूरी तरह एकीकृत भी होगा और सहयोगी भी. संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने कहा कि भारत में पोटेंसियल है, स्ट्रेंथ है और एबलिटी है. आज पूरे विश्व में भारत के प्रति जो विश्वास उत्पन्न हुआ है, उसका आप सभी को, भारत की उद्योग को पूरा फायदा उठाना चाहिए.
Posted By : Avinish Kumar Mishra
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